Chandra Grahan: 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण, काशी विश्वनाथ समेत सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद
Chandra Grahan 2026: मंगलवार 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण शाम 6:45 से 48 मिनट तक रहेगा. काशी के मंदिर, जैसे विश्वनाथ, ग्रहण से पहले बंद होंगे. सूतक काल के कारण 3 मार्च को होली नहीं मनाई जाएगी.

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है. ग्रहण की शुरुआत शाम 6 बजकर 45 मिनट पर होगी और इसका मोक्ष ठीक 48 मिनट बाद होगा. चंद्र ग्रहण को लेकर काशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों के कपाट सूतक काल से पहले ही बंद किए जा रहे हैं.
डेढ़ घंटे पहले बंद होगा काशी विश्वनाथ मंदिर
ABP न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार काशी में भगवान शंकर के सबसे प्रमुख धाम श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को ग्रहण से डेढ़ घंटे पहले बंद करने की परंपरा है. इस परंपरा का पालन करते हुए आज शाम 5 बजकर 15 मिनट पर मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. ग्रहण मोक्ष के आधे घंटे बाद पूजन विधि के साथ सभी धार्मिक स्थलों के कपाट भक्तों के लिए पुनः खोल दिए जाएंगे.
संकट मोचन, बड़ा गणेश समेत कई मंदिर होंगे बंद
काशी के संकट मोचन मंदिर, बड़ा गणेश मंदिर, श्री महामृत्युंजय मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल भी परंपरागत रूप से सूतक काल से पहले बंद किए जा रहे हैं. ग्रहण समाप्त होने के बाद पूजन विधि पूरी कर सभी मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे.
चंद्र ग्रहण के कारण 3 मार्च को नहीं मनेगी होली
2 मार्च की रात होलिका दहन के बाद 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक काल होने के कारण होली नहीं मनाई जा रही. ऐसे में इस बार चंद्र ग्रहण के अगले दिन यानी 4 मार्च को पूरे देश में धूमधाम के साथ होली का रंगोत्सव मनाया जाएगा.
क्या है सूतक काल का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू होता है जिसे अशुभ माना जाता है. इस दौरान मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन वर्जित होते हैं. ग्रहण समाप्त होने के बाद शुद्धि और पूजन विधि के साथ सामान्य दिनचर्या फिर से शुरू होती है.




















