Gorakhpur News: गोरखपुर में आर्थिक तंगी से परेशान मां-बेटे ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में खुद को ठहराया जिम्मेदार
UP: गोरखपुर में मंगलवार की सुबह आर्थिक तंगी से हारकर जहां पिता और दो बेटियों ने सुसाइड कर लिया था. वहीं देर रात गोरखनाथ इलाके में आर्थिक तंगी के चलते मां-बेटे ने जहर खा कर आत्महत्या कर ली.

Uttar Pradesh News: यूपी के गोरखपुर (Gorakhpur) में मंगलवार की सुबह जहां अमंगल लेकर आई. वहीं रात भी अमंगल के साथ काले अंधेरे और सन्नाटे में तब्दील हो गई. दरअसल, सुबह जहां एक पिता और दो बेटियों ने शाहपुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरवा में आर्थिक तंगी से मौत को गले लगा लिया. वहीं रात 10 बजे गोरखनाथ थानाक्षेत्र के जनप्रियविहार कॉलोनी की रहने वाली महिला और उनके बेटे ने सल्फास खाकर जान दे दी. पारिवारिक कलह और आर्थिक तंगी के साथ कर्ज से परेशान महिला ने सुसाइड नोट में इसके लिए खुद को जिम्मेदार बताया है. हालांकि, मोहल्ले के लोग अलग रह रहे बड़े बेटे को इसके लिए जिम्मेदार बता रहे हैं. मृतका की बहू यानी बड़े बेटे की पत्नी शिप्रा दयाल गोरखपुर की जानी-मानी भोजपुरी लोक-गायिका हैं.
बड़े बेटे से थी अनबन
गोरखपुर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र के जनप्रिय विहार कॉलोनी के रहने वाले सत्यनारायण राव बैंक में प्रबंधक रहे हैं. कुछ साल पहले उनकी मौत हो गई. मौत के बाद 55 वर्षीया उनकी पत्नी सरोज देवी अपने दो बेटों श्रीश राव और मनीष राव के साथ रहती रही हैं. कुछ महीने पहले उन्होंने जनप्रिय विहार में अपने मकान को 69 लाख रुपये में बेंच दिया और वो रकम बड़े बेटे श्रीश के साथ ज्वाइंट अकाउंट में था. इसे बाद में उसने एकल खाते में ट्रांसफर कर लिया. मोहल्ले वालों की मानें तो मां नाराज हुई तो वह भोजपुरी लोक गायिका पत्नी शिप्रा दयाल के साथ ससुराल में जाकर रहने लगा. इस दौरान मां छोटे बेटे मनीष के भविष्य को लेकर चिंतित रहने लगी. छोटे बेटे मनीष की शादी की बात कही चल रही थी. वहीं बड़े बेटे द्वारा मकान के बेचने से मिली रकम को हड़पने के बाद मां-बेटे दोनों कुछ दिनों से आर्थिक तंगी से भी जुझ रहे थे. मनीष गोड़धोईया पुल के पास एक सर्विसिंग सेंटर पर गाड़ी धुलाई का काम कर रहा है.
पारिवारिक कलह की वजह से किया सुसाइड
इस बीच मां ने कई लोगों से सूद पर भी रुपया ले लिया था. जनप्रिय बिहार के जिस मकान को उन्होंने 69 लाख में बेचा था, वह अभी उसी मकान में किराए पर रह रहे थे. वहीं जिस व्यक्ति ने उस मकान को खरीदा है उसने मकान खाली करने के लिए कुछ दिन की मोहलत ली थी. मेडिकल कॉलेज में मां और छोटे भाई की मौत की सूचना पर बड़ा भाई श्रीश राव ससुराल के लोगों के साथ पहुंचा. गोरखपुर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र के जनप्रिय विहार कालोनी के रहने वाले मृतका के पड़ोसी सत्येन्द्र कुमार एडवोकेट ने बताया पारिवारिक कलह को बड़ी वजह बताते हैं. उन्होंने महिला से मुलाकात कर कानूनी कार्रवाई करने के लिए भी कहा था. उन्होंने बताया कि वे सुबह कचहरी गए हुए थे, शाम को जब उनके घर पर पहुंचे उन्होंने नौकरानी से पूछा तो उसने बताया कि वो बाहर गई हैं. इसके बाद उन्होंने अंदर जाकर देखा तो उन लोगों ने जहर खा लिया था. जिला अस्पताल ले गए लेकिन उन दोनों की मौत हो गई.
जांच में जुटी पुलिस
मृतका सरोज और उनके दोनों बेटों से आठ महीने पहले मकान खरीदने वाले सज्जाद ने बताया कि उन्होंने छह महीने तक का एग्रीमेंट था लेकिन उनकी हालत देखकर मकान खाली नहीं कराया गया. उन्होंने टीवी-पंखा, इनवर्टर और कुछ अन्य सामान 25 हजार रुपये में लिया था. उन्हें किसी को कर्ज देना था. उन्होंने दो दिन में मकान खाली करने के लिए कहा था. वे बार-बार आत्महत्या करने की बात कह रही थीं. वो खूब रो भी रही थीं. उन्होंने कहा कि वे बड़े लड़के से बहुत परेशान रही हैं. वहीं गोरखनाथ के पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने बताया कि मां-बेटे ने जहर खा लिया था. उन लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. उन्हें 10 बजे इसकी जानकारी हुई. मोहल्ले के लोगों ने इनकी जान बचाने की कोशिश की लेकिन वे बचा नहीं सके. इसकी जांच पुलिस कर रही है. जब तक कोई आधिकारिक बात सामने नहीं आएगी, उसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है.
पुलिस ने बताया
गोरखपुर के एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि कल देर रात 11.30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि गोरखनाथ थानाक्षेत्र के जनप्रिय विहार कालोनी के रहने वाली सरोज राव और उनके बेटे मनीष राव ने सल्फास खाकर सुसाइड कर लिया है. ये सूचना मिलने पर उनके परिजन और पुलिस वालों ने बीआरडी मेडिकल कालेज भेजवाया. जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने घर पर छानबीन की तो घर में सुसाइड नोट भी मिला है. इसमें उन्होंने खुद को जिम्मेदार बताया है. कर्ज लेने और कमेटी के साथ अन्य लोगों से लोन लेने की बात की भी जांच की जा रही है. इस पर भी तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. मृतका सरोज ने अपने मकान को 69 लाख रुपये में बेचने के बाद बड़े बेटे को दे दिया था. इस तरह का कोई तथ्य सामने अभी नहीं आया है. उन्होंने बड़े बेटे या परिवार के किसी सदस्य को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है.
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Source: IOCL



























