Ayodhya News: ‘जो राम और देश को भूलते हैं, वो दुश्मन हैं’, बिट्टा ने आतंकवाद और खालिस्तान पर दिया बड़ा बयान
Ayodhya News In Hindi: अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने रामनगरी पहुंचकर कहा कि वे अयोध्या किसी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि देश की सुरक्षा की कामना के लिए आते हैं.

अयोध्या से बड़ी खबर है, जहां अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष और पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री मनिंदरजीत सिंह बिट्टा रामनगरी पहुंचे. इस दौरान उन्होंने हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में दर्शन-पूजन किया और देश की सुरक्षा व शांति के लिए प्रार्थना की. मीडिया से बातचीत में बिट्टा ने आतंकवाद, खालिस्तान, अंतरराष्ट्रीय हालात और राजनीति पर खुलकर अपनी बात रखी.
'जो लोग राम और देश को भूलते हैं, वे देश के दुश्मन हैं'- बिट्टा
रामनगरी पहुंचे मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा कि वे अयोध्या किसी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि देश की सुरक्षा और समृद्धि की कामना के लिए आते हैं. उन्होंने प्रभु श्रीराम से देश की सीमाओं की सुरक्षा, जवानों की सलामती और भारत की मजबूती की प्रार्थना की. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीर्घायु होने की कामना भी की. बिट्टा ने कहा कि धारा 370 हटाने और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई से देश मजबूत हुआ है. उन्होंने साफ कहा कि जो लोग राम और देश को भूल जाते हैं, वे देश के दुश्मन हैं और भारत माता के सर्वोपरि है.
ईरान-इजराइल युद्ध पर बोलते हुए बिट्टा ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि भारत में भी गैस और पेट्रोल जैसी चीजों पर असर दिख रहा है, ऐसे समय में देशवासियों को एकजुट रहने की जरूरत है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे कोरोना काल में लोगों ने साथ दिया, वैसे ही अब भी सहयोग जरूरी है.
'खालिस्तान बनाने का प्रयास करेंगे तो हमारी लाशों से गुजरना होगा'
फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर पूछे गए सवाल पर बिट्टा ने कहा कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए जो आतंकवाद का समर्थन करने वालों का सच सामने लाएं. खालिस्तान मुद्दे पर भी उन्होंने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि खालिस्तान न कभी बना है, न बनेगा और न बनने दिया जाएगा. अगर कोई ऐसा प्रयास करेगा तो उसे हमारी लाशों से गुजरना होगा. उन्होंने सिख समाज से अपील की कि वे ऐसे तत्वों का खुलकर विरोध करें और राष्ट्रहित में एकजुट रहें.
बिट्टा ने कहा कि हमारे गुरु भारत के थे और हम सभी भारतीय हैं. उन्होंने तिरंगे के सम्मान की बात करते हुए कहा कि अगर कोई इसका अपमान करता है तो उसका विरोध होना चाहिए. अंत में उन्होंने कहा कि उनकी पहचान सबसे पहले एक भारतीय की है और यही पहचान हर किसी की होनी चाहिए.
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Source: IOCL




























