एक्सप्लोरर

गोरखपुर ने बनाया रिकॉर्ड, इस मामले में चेन्नई को भी पीछे छोड़ा, बना पहला देश का शहर

गोरखपुर के महापौर मंगलेश श्रीवास्तव कहते हैं कि हमारे अधिकारियों ने चेन्नई और बेंगलुरु जाकर वहां के सिस्टम को समझा. फिर उसका बेहतर संस्करण गोरखपुर में तैयार किया.

एक समय था जब बरसात होते ही गोरखपुर शहर की सड़कों पर जलभराव आम बात थी. हर साल मानसून के आते ही बाढ़ और जलजमाव की स्थिति शहर की रफ्तार रोक देती थी. लेकिन अब तस्वीर बदल गई है. अब गोरखपुर जलभराव के लिए नहीं, बल्कि देश के सबसे आधुनिक और तकनीक-संपन्न अर्बन फ्लड मैनेजमेंट के लिए जाना जा रहा है. जलभराव से निजात के लिए जूझ रहे गोरखपुर के अधिकारियों ने चेन्नई जाकर वहां के सिस्टम को समझा. फिर उसका बेहतर संस्करण गोरखपुर में ही तैयार करते हुए उन्हें कोसों पीछे छोड़ दिया.

उत्तर प्रदेश सरकार और गोरखपुर नगर निगम के संयुक्त प्रयासों से देश का पहला स्मार्ट अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (यूएफएमसी) यहां स्थापित किया गया है, जो बारिश के हर बूंद पर नजर रखता है. गोरखपुर नगर निगम का 20 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट न केवल जलभराव से राहत दिला रहा है, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहा है.

ऑटोमैटिक पंपिंग सिस्टम से लैस

अब गोरखपुर जलभराव के लिए नहीं, बल्कि 'स्मार्ट समाधान' के लिए चर्चा में है. गोरखपुर की भौगोलिक स्थिति एक कटोरे जैसी, इसलिए था समाधान ज़रूरी गोरखपुर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में बताया कि गोरखपुर शहर की भौगोलिक बसावट कटोरेनुमा है, जिसके चारों ओर नदियां हैं. तल कम होने के कारण बारिश का पानी यहां रुक जाता है. हमने एक ऐसा सिस्टम विकसित किया है जो 100 मिमी तक की बारिश को संभालने में सक्षम है.

अब यह ऑटोमैटिक पंपिंग सिस्टम से लैस है, जहां रियल टाइम डेटा के अनुसार पंप ऑन-ऑफ होते हैं. सोगरवाल ने बताया किपहले जहां 2 घंटे तक जलभराव रहता था, अब वहां 1 घंटे में और जहां 1 घंटे लगता था, वहां 15 मिनट में पानी निकल रहा है. हमने 28 हॉटस्पॉट और 85 प्वाइंट चिन्हित किए हैं.

हाल ही में राष्ट्रपति के दौरे के दिन गोरखपुर में 90 मिमी बारिश हुई थी. फिर भी पूरे शहर में जलभराव की कोई स्थिति नहीं बनी. नगर आयुक्त ने बताया कि हमारी टीम ने पूर्व अनुमान के आधार पर संवेदनशील स्थानों पर पंप, कर्मचारियों और सफाई टीमों को पहले ही तैनात कर दिया था.

नगर निगम भवन स्थित यूएफएमसी कंट्रोल रूम में रियल टाइम मॉनिटरिंग, वाटर लेवल सेंसर, जीपीएस टैग्ड ड्रेनेज और रेन गेज सिस्टम लगे हैं. इस बावत भी सोगरवाल से बातचीत हुई. उन्होने बताया कि हमने हर नाले को टैप कर इनकी इन्वेंटरी तैयार की है. रेन गेज हर 4 किमी पर लगाया गया है, जो हर 15 मिनट पर हाइपर लोकल डेटा देता है. मास्टर प्लान 100 वर्षों के वर्षा आंकड़ों पर आधारित है. यह भारत का पहला फुल ऑपरेशनल अर्बन फ्लड सिस्टम है अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेंटर की प्रभारी डॉ. सौम्या श्रीवास्तव बताती हैं कि यह यूपी ही नहीं, भारत का पहला पूरी तरह ऑपरेशनल और स्मार्ट फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम है.

क्या प्रेमानंद महाराज ने कहा- 100 में से चार बच्चियां अपवित्र? जानें- वायरल वीडियो का पूरा सच

जलभराव होना अब अतीत की बात!

थोड़ी सी बारिश में जलभराव होना अब अतीत की बात हो चुकी है. उनके मुताबिक नेपाल की सीमा से सटे होने और तटीय नहीं होने के बावजूद गोरखपुर को चेन्नई जैसे शहरों के समकक्ष तकनीक से सुसज्जित किया गया है. गोरखपुर के महापौर मंगलेश श्रीवास्तव कहते हैं कि हमारे अधिकारियों ने चेन्नई और बेंगलुरु जाकर वहां के सिस्टम को समझा. फिर उसका बेहतर संस्करण गोरखपुर में तैयार किया.

आज यह सिस्टम पूरे देश के लिए मॉडल बन गया है. भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. वेंकटेश दत्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यूपी के कई शहर जलभराव से जूझते हैं. ऐसे में गोरखपुर जैसा सिस्टम बाकी नगर निगमों के लिए आदर्श बन सकता है. रियल टाइम डेटा और टेक्नोलॉजी के उपयोग से फ्लड रिस्पॉन्स अब तेज और प्रभावी हो गया है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ईरान-इराक हो या फिर रूस... भारत ने जब भी किसी देश से खरीदा तेल, अमेरिका ने अड़ाई टांग!
ईरान-इराक हो या फिर रूस... भारत ने जब भी किसी देश से खरीदा तेल, अमेरिका ने अड़ाई टांग!
प्रयागराज: जल्लाद बना बेटा, पिता-बहन और भांजी को उतारा मौत के घाट, वजह जान रह जाएंगे दंग
प्रयागराज: जल्लाद बना बेटा, पिता-बहन और भांजी को उतारा मौत के घाट, वजह जान रह जाएंगे दंग
भारत या श्रीलंका, 2026 टी20 वर्ल्ड कप का मेजबान देश कौन है? जानें कितने वेन्यू पर खेले जाएंगे सभी मैच
भारत या श्रीलंका, टी20 वर्ल्ड कप का मेजबान देश कौन? जानें कितने वेन्यू पर खेले जाएंगे सभी मैच
'हम जगुआर छोड़ देंगे', डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर कोलंबिया के राष्ट्रपति पेट्रो का जवाब, तिलमिला उठेगा अमेरिका!
'हम जगुआर छोड़ देंगे', ट्रंप की धमकी पर कोलंबिया के राष्ट्रपति का जवाब, तिलमिला उठेगा US!

वीडियोज

Renault Triber Drive Review | Auto Live
Updated Royal Enfield 350 Hunter Ride Review | Auto Live #royalenfield #royalenfieldhunter350
Jhansi में सर्राफा दुकानदारों का नया नियम, बिना चेहरा दिखाए नहीं मिलेंगे जेवर
उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ का आंदोलन
दिल्ली में गुंडों ने कानून को 'नंगा' कर दिया?

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान-इराक हो या फिर रूस... भारत ने जब भी किसी देश से खरीदा तेल, अमेरिका ने अड़ाई टांग!
ईरान-इराक हो या फिर रूस... भारत ने जब भी किसी देश से खरीदा तेल, अमेरिका ने अड़ाई टांग!
प्रयागराज: जल्लाद बना बेटा, पिता-बहन और भांजी को उतारा मौत के घाट, वजह जान रह जाएंगे दंग
प्रयागराज: जल्लाद बना बेटा, पिता-बहन और भांजी को उतारा मौत के घाट, वजह जान रह जाएंगे दंग
भारत या श्रीलंका, 2026 टी20 वर्ल्ड कप का मेजबान देश कौन है? जानें कितने वेन्यू पर खेले जाएंगे सभी मैच
भारत या श्रीलंका, टी20 वर्ल्ड कप का मेजबान देश कौन? जानें कितने वेन्यू पर खेले जाएंगे सभी मैच
'हम जगुआर छोड़ देंगे', डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर कोलंबिया के राष्ट्रपति पेट्रो का जवाब, तिलमिला उठेगा अमेरिका!
'हम जगुआर छोड़ देंगे', ट्रंप की धमकी पर कोलंबिया के राष्ट्रपति का जवाब, तिलमिला उठेगा US!
गोवा में मिस्ट्री गर्ल संग वेकेशन मना रहे कार्तिक आर्यन? तस्वीरों ने खोली पोल
गोवा में मिस्ट्री गर्ल संग वेकेशन मना रहे कार्तिक आर्यन? तस्वीरों ने खोली पोल
जिस वकील ने अमेरिका में लड़ा था जूलियन असांजे का केस, मादुरो का मुकदमा भी उसी के पास, जानें उसके बारे में
जिस वकील ने US में लड़ा था जूलियन असांजे का केस, मादुरो का मुकदमा भी उसी के पास, जानें उसके बारे में
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भयानक हादसा, राहगीरों ने दौड़कर बचाई परिवार की जान- डरा रहा वीडियो
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भयानक हादसा, राहगीरों ने दौड़कर बचाई परिवार की जान- डरा रहा वीडियो
Self Medication Risks: बिना सोचे-समझे मेडिकल स्टोर से ले आते हैं बुखार और दर्द की दवा, जानें यह कितना बड़ा खतरा?
बिना सोचे-समझे मेडिकल स्टोर से ले आते हैं बुखार और दर्द की दवा, जानें यह कितना बड़ा खतरा?
Embed widget