कार में टच हुई बाइक, पहले पीटा फिर गाड़ी में डाल कर ले गए, ऑफिस में मारा, 17 साल के युवक की मौत
Ghaziabad News In Hindi: लोनी बॉर्डर में बाइक टच होने पर 17 साल के जैद को कार सवारों ने बुरी तरह पीटा, कार में डालकर ऑफिस ले गए और वहां भी मारा. दिल्ली के GTB अस्पताल में जैद की मौत हो गई.

गाजियाबाद के थाना लोनी बॉर्डर क्षेत्र के बंथला नहर रोड पर एक छोटी सी गलती ने 17 वर्षीय जैद की जिंदगी छीन ली. गर्मी से बचने के लिए दोस्तों के साथ नहर में नहाने जा रहे जैद की स्प्लेंडर बाइक एक नीले रंग की बलेनो कार से टच हो गई.
इसके बाद कार से उतरे दो युवकों ने जैद को मौके पर ही बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया. जैद के दोस्त इब्राहिम और नदीम ने रोकने की कोशिश की लेकिन आरोपियों ने उन्हें भी धमकाया. इसके बाद दोनों ने बेहोश होते जैद को जबरन कार में डाला और अपने साथ मनीष प्रॉपर्टीज नामक ऑफिस ले गए. दोस्तों को भी वहीं बुलाया गया.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सभी 8 आरोपियों को 13 जुलाई तक जेल, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
माफी मांगी मदद मांगी फिर नहीं बख्शा
जैद के दोस्त नदीम ने बताया कि, “हम तीनों नहर नहाने जा रहे थे. बाइक टच होने पर उन्होंने बिना कुछ सुने जैद को पीटना शुरू कर दिया. फिर उसे कार में डालकर ऑफिस ले गए. वहां पहुंचकर हमने देखा जैद बेहोश पड़ा था. हमने तुरंत मदद मांगी लेकिन उन्होंने हमें भी धमकाया.”
परिवार अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा
जैद को बेहोश हालत में निकालकर पहले लोनी के तीन निजी अस्पतालों में ले जाया गया. हर जगह डॉक्टरों ने मना कर दिया या इलाज में देरी हुई. आखिरकार परिवार वाले उसे दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान जैद ने अंतिम सांस ली. परिजनों का आरोप है कि समय पर सही इलाज न मिलने से जैद की जान चली गई.
नीली बलेनो की तलाश में जुटी पुलिस
लोनी बॉर्डर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. नीली बलेनो कार और आरोपियों की तलाश की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर छानबीन तेज कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रोड रेज की घटना में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
परिवार में मातम, समाज में आक्रोश
जैद मुस्तफाबाद का रहने वाला था. परिवार का इकलौता सहारा था. मां-बाप और रिश्तेदार के रो-रोकर बुरा हाल हैं. इलाके में इस घटना से गुस्सा फैला हुआ है. लोग पूछ रहे हैं कि इतनी छोटी सी बात पर किसी की जान लेना कितना सही है. सामाजिक संगठनों ने पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है.
शामली धर्मांतरण केस में नया मोड़, आयुष मलिक के इस्लाम कबूल करने के बाद ‘घर वापसी’ का दावा






















