गाजियाबाद में रहस्यमयी तरीके से 11 मोरों की मौत, पोस्टमार्टम पैनल गठित, जांच में जुटा वन विभाग
Ghaziabad News: वन विभाग के अधिकारी अपनी टीम और वेटरनरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके की जांच की. पैनल के जरिए मोरों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. हालांकि ऐसी कोई निशान अभी तक नहीं मिले हैं.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में देहात क्षेत्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक खेत के पास 11 मोर मृत मिले. इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी. पुलिस ने इसकी सूचना वन विभाग को दी. वन विभाग के अधिकारी अपनी टीम और वेटरनरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके की जांच की. पैनल के जरिए मोरों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. हालांकि ऐसी कोई निशान अभी तक नहीं मिले हैं जिससे यह वालों की को किसी ने काटा या मारा है.
माना जा रहा है कि मोरों ने कोई ऐसा जहरीला पदार्थ खा लिया, जो इनकी मौत की वजह बना. खेतों में डाली जाने वाली खाद भी हो सकती है. फिलहाल बिसरा आईवीआरआई बरेली भेजा जा रहा है. जबकि शिकार या कोई अन्य कारण नहीं मिला है.
6 मादा 5 नर हैं मृतकों में
थाना ट्रोनिका सिटी के पचारया गांव में एक खेत के पास 11 मोरों के शव मिलने से खलबली मच गई. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी, मौके पर स्थानीय पुलिस पहुंची. पुलिस ने इस मामले की सूचना वन विभाग को दी. वन विभाग की तरफ से वेटरनरी की टीम में 5 लोग जिसमे एसडीओ फॉरेस्ट, रेंज फॉरेस्ट अफसर, सेक्शन ऑफिसर और फारेस्ट गार्ड गए. चीफ वेटेनरी डॉक्टर की तरफ से 3 डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है जो पोस्टमार्टम करेंगे. पोस्टमार्टम के बाद बिसरा बरेली भेजा जाएगा.पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण पता चलेगा. मृत मोरो में 6 मादा और 5 नर मोर है. मोरो के शरीर पर किसी तरह के कोई निशान नही है.
केमिकल युक्त खाद हो सकता है कारण
सहायक वन सरंक्षक डॉक्टर सलोनी के मुताबिक, जहां मोर मिले हैं उसके पास ही मूली का खेत है. आशंका जताई जा रही है कि मूली के खेतों पर फास्फेट का छिड़काव किया गया था. संभावना है की उसी के निगलने के चलते मोरों की मौत हुई. फिलहाल फाइनल रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा.
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Source: IOCL

























