एक्सप्लोरर
परिवार के खिलाफ होकर की थी गीता बाली ने इस एक्टर से शादी, दूसरी शादी के लिए रखी थी ये शर्त
गीता बाली के जाने के बाद शम्मी कपूर अंदर से एकदम टूट से गए थे। आज हम बताने जा रहे हैं गीता बाली एक्ट्रेस की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बारे में।

गीता बाली 60 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री का जाना-माना नाम हुआ करती थीं । गीता बाली और शम्मी की मुलाकात साल 1955 में फिल्म 'रंगीन रातें' की शूटिंग के दौरान हुई थी। इस फिल्म में शम्मी कपूर का लीड रोल था और गीता बाली का इस फिल्म में कैमियो रोल था। दोनों की मुलाकार बढ़ने लगी और कब प्यार हो गया ये बात दोनों को भी पता चली। एक्ट्रेस ने उस समय के चॉकलेटी हीरो शम्मी कपूर से शादी की थी। दोनों की ऑनस्क्रीन बॉन्डिंग काफी शानदार थी और इसे उन्होंने ऑफ स्क्रीन भी शानदार बना दिया। दोनों का प्यार परवान इस कदर चढ़ा की 4 महीने बाद दोनों ने मुंबई के बाणगंगा मंदिर में शादी कर ली।
सूत्रों के अनुसार, जब शम्मी कपूर ने गीता बाली से शादी कर ली को उन्होंने अपने घर में इस बात का ज्रिक नहीं किया था। फिर उसके बाद दोनों को दो बच्चे हुए। आपको बता दें, बेटी के जन्म के लगभग 4 साल बाद ही साल 1965 में गीता बाली का देहांत हो गया। फिर उसके बाद शम्मी कपूर काफी टूट गए थे और उन्होंने खाना पीना तक छोड़ दिया था। उनके बच्चे काफी छोटे थे उनके घरवालों ने उनपर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। घरवाले चाहते थे कि वो नीला देवी से शादी करें।
एक इंटरव्यू में नीला देवी ने बताया कि हम दोनों ने रात को 2 बजे बात करनी शुरू की जो सुबह दिन निकलने तक चलती रही। उन्होंने मुझे गीता बाली, अपने बच्चों, अपनी अच्छी बातें और अपनी बुरी बातों के बारे में बताया। नीला ने बताया कि शम्मी कपूर ने मुझे कहा कि हम बाणगंगा मंदिर में आधी रात को वैसे ही शादी करेंगे जैसे उन्होंने साल 1955 में गीता से की थी, लेकिन मैंने उन्हें कहा कि हम परिवार की मौजूदगी में शादी करेंगे। इसके बाद 27 जनवरी 1969 को दोनों ने शादी कर ली। खबरों के मुताबिक शम्मी ने नीला से शादी करने के लिए एक शर्त रखी थी जो काफी अजीब थी। उन्होंने नीला से कहा कि वो कभी मां नहीं बनेंगी और उनके बच्चों को ही अपने बच्चों की तरह पालेंगी। नीला ने उनकी बात मान ली और वो कभी मां नहीं बनीं।
सूत्रों के अनुसार, जब शम्मी कपूर ने गीता बाली से शादी कर ली को उन्होंने अपने घर में इस बात का ज्रिक नहीं किया था। फिर उसके बाद दोनों को दो बच्चे हुए। आपको बता दें, बेटी के जन्म के लगभग 4 साल बाद ही साल 1965 में गीता बाली का देहांत हो गया। फिर उसके बाद शम्मी कपूर काफी टूट गए थे और उन्होंने खाना पीना तक छोड़ दिया था। उनके बच्चे काफी छोटे थे उनके घरवालों ने उनपर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। घरवाले चाहते थे कि वो नीला देवी से शादी करें।
एक इंटरव्यू में नीला देवी ने बताया कि हम दोनों ने रात को 2 बजे बात करनी शुरू की जो सुबह दिन निकलने तक चलती रही। उन्होंने मुझे गीता बाली, अपने बच्चों, अपनी अच्छी बातें और अपनी बुरी बातों के बारे में बताया। नीला ने बताया कि शम्मी कपूर ने मुझे कहा कि हम बाणगंगा मंदिर में आधी रात को वैसे ही शादी करेंगे जैसे उन्होंने साल 1955 में गीता से की थी, लेकिन मैंने उन्हें कहा कि हम परिवार की मौजूदगी में शादी करेंगे। इसके बाद 27 जनवरी 1969 को दोनों ने शादी कर ली। खबरों के मुताबिक शम्मी ने नीला से शादी करने के लिए एक शर्त रखी थी जो काफी अजीब थी। उन्होंने नीला से कहा कि वो कभी मां नहीं बनेंगी और उनके बच्चों को ही अपने बच्चों की तरह पालेंगी। नीला ने उनकी बात मान ली और वो कभी मां नहीं बनीं। और पढ़ें
टॉप हेडलाइंस
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
Source: IOCL



























