VIDEO: BJP विधायक कृष्णा पासवान ने खोली भ्रष्टाचार की पोल, एक फावड़े में उखड़ी सड़क
Fatehpur News: फतेहपुर की खागा विधानसभा में 37 लाख 99 हजार की लागत से अइमापुर से रतनपुर तक 2200 मीटर की सड़क निर्माण भ्रष्टाचार उजागर हुआ है. विधायक कृष्णा ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया है.

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की खागा विधान सभा क्षेत्र में सड़क के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की पोल खुली है. खागा विधायक व बीजेपी नेता कृष्णा पासवान ने सड़क को खोदकर भ्रष्टाचार को उजागर किया है. इस संबंध में उन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है. बताया जा रहा है कि 37 लाख 99 हजार की लागत से अइमापुर से रतनपुर तक 2200 मीटर की सड़क में डामरीकरण का कार्य किया जा रहा था.
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत स्थानीय विधायक कृष्णा पासवान से की थी. इसके बाद विधायक ने खुद मौके पर जाकर फावड़ें से सड़क उखाड़कर निर्माण की गुणवत्ता की जांच की. इसके बाद उन्होंने सड़क निर्माण कार्य रुकवा दिया. इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने अधिकारियों को पत्र लिखा है.
फावड़ा चलाते ही उखड़ी सड़क
वहीं इस मामले पर खागा विधायक कृष्णा पासवान का बयान सामने आया है, सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही की जा रही थी. बिना साफ-सफाई किये ही सड़क ढाली जा रही थी. एक फावड़ा मारने पर सड़क उखड़ गई. उन्होंने कहा कि इसके हमने सड़क का निर्माण कार्य रुकवा दिया और ठेकेदार से कहा कि गुणवत्ता मानक के तहत सड़क निर्माण कीजिये.
गुणवत्तायुक्त सड़क निर्माण सरकार का उद्देश्य
उन्होंने कहा कि, यह रोड काफी दिनों के बाद पास हुई है, आप ऐसी सड़क बनाओगे कि आज बनेगी और कल खराब हो जाएगी. इससे क्षेत्र की जनता में क्या संदेश जाएगा? उन्होंने कहा कि सरकार उद्देश्य गुणवत्तायुक्त सड़क का निर्माण कराना है, न कि इस तरह की गुणवत्ताहीन सड़क बनाना है, इसलिए मैंने सड़क का निर्माण कार्य रुकवा दिया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में हमने PWD,एक्सईएन, जेई से कहा है कि सड़क का निर्माण गुणवत्ता से करवाईये.
करीब 38 लाख की लागत से बनाई जा रही थी सड़क
विधायक कृष्णा पासवान ने बताया कि, अइमापुर से रतनपुर तक 22 सौ मीटर की सड़क का निर्माण 37 लाख 99 हजार की लागत से किया जा रहा था. वहीं विपक्ष के कमीशन के आरोपों पर उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार में चाहे मंत्री हों या विधायक हों, वे क्षेत्र में जाते हैं और कहीं भी भ्रष्टाचार नहीं होने देते हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि विपक्ष की सरकार के समय ऐसा सब कुछ होता था. यह भी कहा कि, मंत्री, विधायक जनप्रतिनिधि सभी जागरूक हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद किसी कार्य में समझौता नहीं करते हैं.
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