Exclusive: अंकिता भंडारी मामले में वीआईपी की संलिप्तता पर सीएम धामी बोले- किसी को बचाने की कोशिश नहीं हो रही
Ankita Bhandari News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी मामले में बड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि विपक्ष इस मामले में राजनीति कर रहा है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार अंकिता भंडारी में पहले दिन से सक्रिय थी. भारतीय पुलिस सेवा की महिला अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हुआ. उत्तराखंड समागम कार्यक्रम में एबीपी न्यूज़ की सीनियर एडिटर पॉलिटिकल अफेयर्स मेघा प्रसाद के सवालों का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तारियां हुईं. 1000 पेज की रिपोर्ट आई. सभी पक्षकारों से बात हुई.
सीएम ने कहा कि आरोपियों को अदालत ने सुनाई और वह उम्र कैद की सजा में बंद हैं. क्या हिन्दुस्तान में उम्रकैद कोई छोटी सजा होती है? अंकिता भंडारी मामले में वायरल ऑडियो क्लिप पर सीएम ने कहा कि लोगों ने बहन को हथियार बनाकर अफरातफरी का माहौल तैयार किया. इसमें सबसे ज्यादा वो माता पिता पीड़ित हैं, जिन्होंने अपनी बेटी खोई है.
इस मामले में किसी वीआईपी के शामिल होने के आरोपों पर सीएम ने कहा कि इस मामले में किसी को कहीं से बचाने की कोशिश नहीं हो रही है. हमने तो हमेशा से कहा कि जिनके पास इस मामले में सबूत हैं तो वह एसआईटी को दे सकते हैं. कानूनी प्रक्रिया तो कानूनी तरीके से चलेगी.
अंकिता भंडारी मामले में लोग भड़का रहे हैं- सीएम
सीएम ने कहा कि जिन लोगों के पास कोई मुद्दा नहीं था, वह बिटिया अंकिता के नाम पर लोगों को भड़का रहे हैं. अंकिता मामले में महापंचायत के दौरान सीएम का इस्तीफा मांगे जाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता हमारी नीति और नियत पर भरोसा करती है. जनता जानती है कि हमारी नीति और नियत में कोई अंतर नहीं है.
इसके अलावा ने सीएम ने दावा किया है कि राज्य में अवैध खनन नहीं हो सकता है. इसके पीछे की वजह बताते हुए सीएम ने कहा कि पहले राज्य के खजाने में 400 करोड़ आते थे, अब 1200 करोड़ आते हैं. धामी ने इस मामले में आरोप लगाने वालों पर कहा कि मैं उनकी बातों को आशीर्वाद स्वरूप लेते हैं और उनको सुनकर सुधार करते हैं.
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