दुनियाभर में मशहूर इस क्रिकेटर ने पत्नी को गोलियों से भूना, अदालत ने सुनाई फांसी की सजा
वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर लेसली हिल्टन ने मैदान पर खूब नाम कमाया, लेकिन एक घरेलू विवाद ने उन्हें ऐसी बदनामी दी कि उनका नाम आज भी क्रिकेट के सबसे सनसनीखेज मामलों में गिना जाता है.

क्रिकेट को अक्सर अनुशासन और खेल भावना का प्रतीक माना जाता है. हालांकि इस खेल के लंबे इतिहास में कुछ ऐसी घटनाएं भी हुई हैं जिन्होंने खेल जगत को गहरे सदमे में डाल दिया. वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर लेसली हिलटन की कहानी ऐसी ही एक घटना से जुड़ी है.
लेसली हिलटन 1930 और 1940 के दशक में वेस्टइंडीज के लिए खेलने वाले तेज गेंदबाज थे. उन्होंने अपने देश के लिए 40 टेस्ट मैच खेले और घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा नाम कमाया. मैदान पर उनकी पहचान एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी की थी.
साल 1942 में उन्होंने लुरलाइन रोज से शादी की. शुरुआत के दिनों में दोनों का जीवन खुशी से भरा रहा, लेकिन समय के साथ उनके रिश्ते में तनाव और मन मोटाव बढ़ने लगी. बाद में हिलटन को कुछ पत्र और संदेश मिले, जिनसे उन्हें अपनी पत्नी के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध होने का संदेह हुआ.
हेलमेट पर लगी बॉल तो खिलाड़ी को याद आई 'वर्जिनिटी', अक्षर पटेल ने बताया मजेदार किस्सा
मई 1954 में यह विवाद गंभीर रूप ले गया. दोनों के बीच घर में तीखी बहस हुई. इसके बाद गुस्से में आकर हिलटन ने अपनी पत्नी पर कई गोलियां चला दीं. घटना में लुरलाइन रोज की मौत हो गई. इस खबर ने पूरे कैरेबियाई क्षेत्र और क्रिकेट जगत को हिला दिया.
मामला अदालत पहुंचा तो बचाव पक्ष ने कहा कि हिलटन भावनात्मक रूप से टूट चुके थे और उन्होंने आवेश में यह कदम उठाया. वहीं अभियोजन पक्ष का तर्क था कि घटना में स्पष्ट रूप से हत्या का इरादा दिखाई देता है.
सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने हिलटन को दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई. खेल जगत के कुछ लोगों ने सजा कम करने की मांग भी की, लेकिन फैसला नहीं बदला.
17 मई 1955 को, घटना के लगभग एक साल बाद, जमैका में हिलटन को फांसी दे दी गई. इसके साथ ही वह क्रिकेट इतिहास के एकमात्र टेस्ट क्रिकेटर बन गए जिन्हें हत्या के मामले में मौत की सजा मिली.
लेसली हिलटन की कहानी सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है. यह इस बात की भी याद दिलाती है कि अनियंत्रित गुस्सा और भावनात्मक फैसले किसी व्यक्ति की पूरी जिंदगी बदल सकते हैं. एक खिलाड़ी, जिसने कभी मैदान पर देश का प्रतिनिधित्व किया था, अंत में एक दुखद कानूनी मामले के कारण इतिहास में दर्ज हो गया.
क्रिकेट रिकॉर्ड और उपलब्धियों से भरा पड़ा है, लेकिन कुछ कहानियां चेतावनी बनकर इतिहास में दर्ज हो जाती हैं. लेसली हिलटन की कहानी भी उन्हीं घटनाओं में शामिल है, जो बताती है कि एक गलत फैसला कभी-कभी पूरी जिंदगी पर भारी पड़ जाता है.
ऋषभ पंत से क्यों छिनी उपकप्तानी? कोच गौतम गंभीर ने तोड़ी चुप्पी; कहा- उन्हें बदलने की...
























