देवकीनंदन ठाकुर ने की AMU में मंदिर बनाने की मांग, कहा- 'तिलक नहीं तो टोपी भी नहीं लगा सकते'
Devkinandan Thakur Statement: प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने AMU में तिलक पर रोक लगाने की घटना को लेकर निशाना साधा और कहा कि अगर वहां कोई तिलक नहीं लगा सकते तो टोपी भी नहीं पहन सकते.

देवकीनंदन ठाकुर अलीगढ़ के खुर्जा स्थित शारदा जैन में श्री कुंज बिहारी सेवा परिकर के चतुर्थ वार्षिकोत्सव के अवसर पर चल रही मीरा चरित्र कथा में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने मंच से कई अहम बयान दिए. उन्होंने कहा कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में काम करने वाला एक सनातनी वहां तिलक लगाकर चला गया तो उसे मना कर दिया कि तुम तिलक नहीं लगाकर आओगे.
तो उसने जवाब दिया हम तिलक नहीं लगाएंगे तुम गारंटी लो कि तुम टोपी नहीं लगाओगे. यूनिवर्सिटी सरकार के पैसे से चलती है किसी के पैसे से नहीं चलती. तो अगर वहां मस्जिद है तो वहां मंदिर भी बनना चाहिए, वहां टोपी है तो तिलक भी लगना चाहिए, क्योंकि यह भारत मेरे राम का है मेरे कृष्ण का है. अगर मैं रामायण नहीं पढ़ सकता तो तुम क़ुरान भी नहीं पढ़ सकते.
अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में मंदिर बनाने की माँग
देवकीनंदन ने कहा कि हम सभी को हिंदू राष्ट्र सनातन राष्ट्र, सनातनी बहन बेटियों को बचाने की मुहिम, कल से नहीं इसकी आज से ही शुरुआत करनी होगी. हमें यह प्रयास करना होगा कि हमारे सनातनी बांग्लादेश में भी बचे.. इंग्लैंड में भी बचे और हिंदुस्तान में किसी को बुरी नजर ना लगे. इसकी तैयारी हमें बिना एक दिन भी गंवाये करनी चाहिए.
हमारा ड्रीम है एक तिलकधारी एक भगवाधारी बांग्लादेश में भी रूल करेगा और पाकिस्तान में भी रूल करेगा. धर्म परिवर्तन करके जो मुस्लिम बने हैं वह इसी देश के हैं. आज 1 हजार वर्ष बाद भी सोमनाथ मंदिर वही है, भगवान राम का मंदिर बन गया है. हम फिर धीरे-धीरे जा रहे हैं कृष्ण मंदिर भी बनेगा, काशी विश्वनाथ मंदिर बनेगा. हम सब सनातन की इस पवित्र भूमि पर सनातन की ध्वजा का ध्वजारोहण करेंगे.
बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार पर साधा निशाना
बांग्लादेश की घटनाओं का जिक्र करते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि वहां हिंदुओं की जो दुर्दशा है. हम हिंदुओं का वोट सबको चाहिए लेकिन, मरते हुए हिंदुओं का सपोर्ट कोई क्यों नहीं करता. उन्होंने कहा कि क्या धर्मनिरपेक्षता का ठेका सिर्फ हिंदुओं ने लिया है. यहां सबको समान अधिकार मिले हुए हैं.
देवकीनंदन ठाकुर के इस बयान को लेकर सियासत भी तेज हो गई हैं. समाजवादी पार्टी के नेता और प्रवक्ता मनोज कुमार काका की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि जो समाज में कटुता का प्रसार कर रहे हैं वो संत नहीं है.
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