देहरादून: पुलिस हिरासत में PRD जवान की मौत, परिजनों का हंगामा; मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
Dehradun News In Hindi: पुलिस के अनुसार दोपहर करीब 3:15 बजे थाना रायपुर को सूचना मिली कि एक पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति पेट्रोल भरवाने के बाद पैसे देने से इंकार कर रहा है.

देहरादून से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां पुलिस हिरासत में एक पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवान की मौत हो गई. मृतक की पहचान सुनील रतूड़ी (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो जिला युवा कल्याण विभाग में तैनात थे. घटना के बाद परिजनों ने पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताते हुए हंगामा किया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया.
घटना 28 मार्च की बताई जा रही है. पुलिस के अनुसार दोपहर करीब 3:15 बजे थाना रायपुर को सूचना मिली कि लाडपुर स्थित एक पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति पेट्रोल भरवाने के बाद पैसे देने से इंकार कर रहा है. सूचना में यह भी बताया गया कि संबंधित व्यक्ति शराब के नशे में है और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी कर रहा है.
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और व्यक्ति को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नशे की हालत में किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था. इसके बाद पुलिस उसे उसके वाहन सहित थाने ले आई. पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम सुनील रतूड़ी निवासी तपोवन रोड, देहरादून बताया.
शराब की मात्रा अधिक थी
पुलिस के मुताबिक, अल्कोहल मीटर से जांच करने पर उसके शरीर में शराब की मात्रा 231.6 mg/100ml पाई गई, जो निर्धारित सीमा से काफी अधिक थी. इसके आधार पर पुलिस ने उसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185/207 के तहत गिरफ्तार कर लिया और थाने में बैठाया गया. बताया जा रहा है कि इस दौरान भी वह लगातार हंगामा करता रहा और बार-बार बाहर जाने की कोशिश कर रहा था.
हवालात में बेहोश मिला
पुलिस का कहना है कि स्थिति को देखते हुए उसे बाद में हवालात में रखा गया. कुछ देर बाद ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल ने जब उसकी स्थिति देखी तो वह बेहोश मिला. आनन-फानन में पुलिस उसे अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई. परिजनों को भी तुरंत सूचना दी गई. मृतक के परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं. मृतक का पंचनामा मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भरा जाएगा और पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया जाएगा. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह की पारदर्शिता पर सवाल न उठे.
यह घटना पुलिस हिरासत में सुरक्षा और प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े करती है. अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत के पीछे असली कारण क्या था और कहीं किसी तरह की लापरवाही या अन्य कारण तो जिम्मेदार नहीं हैं.
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Source: IOCL



























