देहरादून पुलिस का ऑपरेशन क्रैकडाउन, फर्जी दस्तावेजों पर दून में रह रहीं 3 विदेशी महिलाएं गिरफ्तार
Dehradun News: देहरादून पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. आरोपी ईरीका साल 2023 में एक साल के वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा खत्म होने के बाद भी वह चोरी-छिपे यहीं रह रही थी.

देहरादून में बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्रैकडाउन' के तहत दून पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. रायपुर पुलिस ने फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से शहर में रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है. इनमें से एक महिला किर्गिस्तान और दो उज्बेकिस्तान की मूल निवासी हैं.
एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर जिले भर में चल रहे सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान के दौरान रायपुर पुलिस की टीम शनिवार को सांई कॉम्प्लेक्स पहुंची. यहां के तीसरे फ्लोर स्थित एक फ्लैट की तलाशी लेने पर पुलिस को तीन विदेशी महिलाएं संदिग्ध लगी , जब पुलिस ने उनसे भारत में रहने के वैध दस्तावेज (वीजा और पासपोर्ट) मांगे, तो वे कोई भी पुख्ता प्रमाण पेश नहीं कर पाईं. गहन पूछताछ के बाद महिलाओं की पहचान ईरीका (29 वर्ष, किर्गिस्तान), करीना (30 वर्ष, उज्बेकिस्तान) और निगोरा नीम (32 वर्ष, उज्बेकिस्तान) के रूप में हुई है.
नेपाल बॉर्डर से अवैध प्रवेश और फर्जी आईडी का खेल
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. आरोपी ईरीका साल 2023 में एक साल के वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा खत्म होने के बाद भी वह चोरी-छिपे यहीं रह रही थी. वहीं, करीना और निगोरा साल 2022-23 में नेपाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थीं. इन तीनों की मुलाकात दिल्ली में हुई, जहां इन्होंने अपने कुछ परिचितों की मदद से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक जैसे भारतीय दस्तावेज तैयार करवाए.
जांच में यह भी सामने आया कि निगोरा को पहले बिहार पुलिस ने भी अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में जेल भेजा था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह अपने देश वापस जाने के बजाय दोबारा पहचान छिपाकर देहरादून में रहने लगी.
भारी मात्रा में दस्तावेज और विदेशी मुद्रा बरामद
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से किर्गिस्तान पासपोर्ट और ई-वीजा ,3 आधार कार्ड 2 पैन कार्ड 2 एसबीआई बैंक की पासबुक 7 मोबाइल फोन और विदेशी करेंसी के नोट और उज्बेकिस्तान का नागरिकता कार्ड बरामद किया है
इन धाराओं में मुकदमा दर्ज
रायपुर थाना पुलिस ने तीनों महिलाओं के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं (धोखाधड़ी और कूटकरण) सहित 'द इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025' की धारा 23 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है. पुलिस अब उन स्थानीय मददगारों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन विदेशी महिलाओं के फर्जी दस्तावेज बनाने और उन्हें शहर में शरण देने में मदद की. एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया है कि संदिग्धों और सत्यापन न कराने वाले बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा.
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Source: IOCL




























