देहरादून: 16 करोड़ में बना पुल 16 दिन भी नहीं टिका, उठे सवाल
Dehradun Bridge Damaged: प्रेमनगर-नंदा की चौकी पुल एक बार फिर चर्चा में है. पिछले साल बरसात में ध्वस्त होने के बाद करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से दोबारा बनाए गए इस पुल का एक हिस्सा सोमवार को धंस गया.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रेमनगर-नंदा की चौकी पुल एक बार फिर चर्चा में है. पिछले साल बरसात में ध्वस्त होने के बाद करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से दोबारा बनाए गए इस पुल का एक हिस्सा सोमवार को धंस गया. इसके बाद पुलिस ने एहतियातन पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी. सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य शुरू करा दिया.
वहीं, इस मामले पर प्रशासन ने बताया है कि पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है. पुल के नीचे अप्रोच रोड के एक हिस्से की मिट्टी खिसकने से यह स्थिति बनी. सुरक्षा को देखते हुए तत्काल वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो.
16 करोड़ से बना पुल, 16 दिन बाद फिर आई समस्या
बता दें कि यह वही पुल है, जो पिछले साल बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनर्निर्माण कराया गया. हाल ही में इसे आम लोगों के लिए खोला गया था, लेकिन महज 16 दिन बाद ही अप्रोच रोड धंसने की घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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DM डॉ. आशीष चौहान ने किया निरीक्षण
वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने पुल और अप्रोच रोड का निरीक्षण कर संबंधित विभाग को तत्काल मरम्मत कार्य के निर्देश दिए. मौके पर जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से पत्थर डालकर और मिट्टी भरकर अप्रोच रोड को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया गया.
आज ही यातायात शुरू होने की उम्मीद
ABP News से बातचीत में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और केवल अप्रोच रोड का हिस्सा प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रभावित हिस्से में पत्थर भरने और मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है. उम्मीद है कि काम पूरा होने के बाद आज ही पुल पर यातायात दोबारा शुरू कर दिया जाएगा.
तकनीकी जांच भी होगी
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षित तरीके से यातायात बहाल करना है. इसके साथ ही अप्रोच रोड धंसने के कारणों की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने.
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