Dehraddun Mussoorie Ropeway : देहरादून-मसूरी रोपवे का काम कब तक होगा पूरा? 15 मिनट में सिमट में जाएगी घंटों की दूरी
Dehraddun Mussoorie Ropeway : यह रोपवे प्रति घंटे 500 से अधिक यात्रियों को ढोने में सक्षम होगा, जबकि कुछ रिपोर्टों में इसकी क्षमता 1300 यात्रियों प्रति घंटा तक बताई गई है.

उत्तराखंड में पर्यटन को नई रफ्तार देने वाला देहरादून–मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है. पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि परियोजना का कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप संतोषजनक गति से चल रहा है. यह रोपवे देश का सबसे लंबा पैसेंजर रोपवे बनने की दिशा में अग्रसर है.
करीब 5.2 किलोमीटर लंबा यह मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला सिस्टम दोनों दिशाओं में संचालित होगा. परियोजना के तहत कुल 26 टावरों के फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है. अब पिलर्स के इरेक्शन और अन्य निर्माण कार्य तेज गति से जारी हैं. निर्माण सामग्री समय पर पहुंच चुकी है, जिससे कार्य में कोई बाधा नहीं आ रही है.
परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि मौजूदा प्रगति को देखते हुए इसे तय समय से पहले भी शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है. रोपवे शुरू होने के बाद देहरादून से मसूरी का सफर, जो अभी ट्रैफिक जाम के कारण 1 से 2 घंटे तक का समय लेता है, वह घटकर महज 15 से 20 मिनट में पूरा हो सकेगा.
प्रति घंटे 500 से अधिक यात्री होंगे लाभान्वित
यह रोपवे प्रति घंटे 500 से अधिक यात्रियों को ढोने में सक्षम होगा, जबकि कुछ रिपोर्टों में इसकी क्षमता 1300 यात्रियों प्रति घंटा तक बताई गई है. खासकर पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान देहरादून–मसूरी मार्ग पर लगने वाले लंबे जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
इसके अलावा पुरुकुल से लोअर टर्मिनल तक वैकल्पिक सड़क मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) भी तेजी से कार्य कर रहा है. डीपीआर और फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल चुकी है तथा पेड़ कटान की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
पर्यावरण-अनुकूल इस परियोजना से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ट्रैफिक प्रबंधन में भी बड़ा बदलाव आएगा. संभावना है कि 2027 से पर्यटक इस रोपवे का आनंद ले सकेंगे.

























