बस्ती मंडल में थम रही है कोरोना की रफ्तार, तीसरी लहर की आशंका को देखते जारी है प्रशासन की तैयारी
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए बस्ती जिसा प्रशासन अलर्ट है. इस बीच बस्ती मंडल में कोरोना की रफतार थमती नजर आ रही है.

बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती मंडल में कोरोना की रफतार थमती नजर आ रही है. कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या अब पॉजिटिव मरीजों से ज्यादा हो गई है. बीते शनिवार की बात करें तो बस्ती मंडल में 155 कोरोना के पॉजिटिव केस सामने आए. वहीं, 285 लोग कोरोना से जंग जीतकर घर गए. कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने भी तैयारी कर ली है. बेड़ों की संख्या को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है.
प्रशासन अलर्ट है
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है. तीसरी वेव को रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है. बच्चों के लिए मंडल की सभी सीएचसी पर 3-3 बेड का वेंटिलेटर लगाया गया है, इसके अलावा जो दूर की सीएचसी हैं उनपर वेंटिलेटर बेड़ों की संख्या को 10-10 करने की तैयारी चल रही है. वहीं, ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए मंडल में 12 ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलेगी. बस्ती में ऑक्सीजन की सप्लाई दूसरे जिलों से होती है. कोरोना के खिलाफ जंग में निगरानी समिती को एक्टिव कर दिया गया है. निगरानी समिति गांव-गांव जाकर लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है. जो लोग सर्दी, बुखार, खांसी से पीड़ित हैं उनको मेडिकल किट दी जा रही है.
बेडों की संख्या को बढ़ाया गया है
कनिश्नर अनिल सागर ने बताया कि मंडल के तीनों जिलों में कोविड के बेडों की संख्या को दोगुना किया गया है. 500 कोविड बेडों की संख्या को बढ़ाकर मंडल में 1000 कोविड बेड कर दिया गया है. बस्ती के कैली अस्पताल में 200 बेडों की जगह अब 300 कोविड बेड कर दिए गए हैं. इसके अलाव कोविड डायलिसिस सेंटर, कोविड आई सेंटर, कोविड ऑर्थो सर्जरी सेंटर, कोविड गायनिक ओटी एंव लेबर सेंटर की स्थापना की गई है, जिनमें कोविड पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है. अब तक कोविड के 130 लोगों की डायलिसिस की गई है.
निगरानी समितियों को एक्टिवेट किया गया है
अनिल सागर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों को एक्टिवेट किया गया है. उनको मेडिकल किट उपल्ब्ध कराई गई है. शासन स्तर से ब्लॉक वार मेडिकल किट मिल चुकी है. निगरानी समितियों के माध्यम से मेडिकल किट गांवों में वितरित की जा रही है. इसका उद्देश्य ये है कि अगर गांव में किसी को सांस लेने की दिक्कत हो तो वो फौरन दवा लेना शुरू कर दे, जिससे ताकी बीमारी से बचा सके. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि मृत्यु दर कम से कम हो.
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