यूपी चुनाव से पहले दलित वोटरों को साधने के लिए राहुल गांधी ने चला नया दांव, इन सीटों पर खास नजर
Rahul Gandhi Raebareli Visit: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे थे, जहां उन्होंने भाजपा और पीएम मोदी पर तीखे हमले किए. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को गद्दार तक कह दिया.

रायबरेली से कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय रायबरेली दौरे पर रहे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान 1857 क्रांति के नायक महाबली वीरा पासी की मूर्ति का अनावरण किया और आगामी चुनाव को देखते हुए दलित वोटरों को भी साधने की कोशिश की.
रायबरेली और अमेठी में करीब छह ऐसी विधानसभा सीटें हैं जिन पर दलित वोटबैंक निर्णायक भूमिका में है. इनमें पांच रायबरेली लोकसभा में और एक विधानसभा सीट अमेठी में आती है. मौजूदा समय में कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाली रायबरेली में एक भी सीट कांग्रेस के पास नहीं है.
दलित वोटरों को साधने की कोशिश
राहुल गांधी ने रायबरेली में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम वीरा पासी जी को याद कर रहे हैं, जो विचारधारा अंबेडकर और वीरापासी की थी, उसकी रक्षा ठीक से नही हो रही है. हमारे सामने संविधान पर हमला हो रहा है. संविधान कोई मामूली किताब नही है, यह किताब एक विचारधारा है जोकि अंबेडकर, वीरा पासी, महात्मा गांधी के खून में थी. हमारे आंखों के सामने इस विचारधारा का अपमान होता है तो हम चुप हो जाते हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी कहते हैं विदेश न जाओ, सोना मत खरीदो, इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदो. आने वाले समय मे किसान के पास खाद नहीं होगी, आर्थिक तूफान आएगा. डीजल, तेल, गैस, दाल चावल के दाम किधर जाएंगे आपको अंदाजा भी नही है. प्रधानमंत्री कहते हैं विदेश मत जाओ और खुद जहाज पर बैठकर विदेश चले जाते हैं. हमें अंबेडकर वीरापासी की विचारधारा की रक्षा करनी है.
खोई ज़मीन वापस लाने में जुटे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने इस दौरान दलित वोटबैंक को साधने की कोशिश की. बता दें कि रायबरेली और अमेठी लोकसभा कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था लेकिन, धीरे-धीरे विधानसभा में यह किला ढहता गया. मौजूदा समय में रायबरेली में एक भी सीट कांग्रेस के पास नहीं है. यही वजह है कि राहुल गांधी की फ़ोकस रायबरेली और अमेठी की सीटों पर है.
लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राहुल गांधी का रायबरेली में यह सातवां दौरा है. कांग्रेस सांसद हर बार दलित व पिछड़ों को साधने की कोशिश करते हैं. उन्हें उम्मीद है कि यदि इनके वोट बैंक कांग्रेस के खाते में आ जाएं तो अपनी पुरानी खोई हुई जमीन वापस ला सकते हैं. 20 मई 2026 को वीरा पासी की मूर्ति का अनावरण करके उन्होंने दलित के वोट बैंक को कांग्रेस की विरासत से जोड़ने का एक नया प्रयोग किया है.
रायबरेली-अमेठी में दलित वोट बैंक का असर
विधानसभा वार अगर बात किया जाए तो रायबरेली लोकसभा सीट में बछरावां सुरक्षित सीट मानी जाती है क्योंकि वहां दलित वोटरों की संख्या सबसे अधिक है. वहीं सदर, हरचंदपुर, ऊंचाहार व सरेनी विधानसभा में भी दलित वोटर प्रभावी है. दूसरी तरफ अमेठी लोकसभा में सलोन विधानसभा के साथ जगदीशपुर दलित प्रत्याशियों के लिए सुरक्षित सीट घोषित है.
यही कारण है कि सपा, बसपा, कांग्रेस सभी दलित वोटरों को अपने पक्ष में करने का कोई मौका नहीं चूकती है. राहुल गांधी ने भी वीरा पासी की मूर्ति का अनावरण करके इस समाज को एक संदेश देने का प्रयास किया है. अब देखना यह है कि इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिलता है या एक बार फिर कांग्रेस की यह रणनीति धरातल पर पहुंचते पहुंचते फ्लॉप हो जाती है.
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