CM योगी से मिले नेपाली राज्य के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह, सीमा सुरक्षा पर चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को नेपाल के सुदूर पश्चिमी प्रदेश (सुदूरपश्चिम प्रदेश) के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह ने शिष्टाचार भेंट की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को नेपाल के सुदूर पश्चिमी प्रदेश (सुदूरपश्चिम प्रदेश) के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह ने शिष्टाचार भेंट की. यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग पर हुई. इस दौरान नेपाल के मुख्यमंत्री के साथ उनका उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा. दोनों देशों के नेताओं के बीच आपसी सहयोग, सीमा क्षेत्रों के विकास और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने को लेकर चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक रिश्ते हैं. खासकर उत्तर प्रदेश और नेपाल के बीच रिश्ते ऐतिहासिक और परंपरागत रूप से काफी मजबूत हैं. सीमा साझा करने वाले जिलों में आपसी सहयोग और समन्वय से विकास की अपार संभावनाएं हैं.
सीएम योगी को न्योता
नेपाल के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नेपाल आने का न्योता भी दिया और उत्तर प्रदेश की तीव्र विकास यात्रा की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश से नेपाल को कई क्षेत्रों में सीखने को मिलता है, चाहे वह इंफ्रास्ट्रक्चर हो, कृषि हो या धार्मिक पर्यटन.
इन मुद्दों पर सहमति
मुलाकात में दोनों देशों के मुख्यमंत्रियों ने खासतौर से भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही. यह भी तय किया गया कि दोनों राज्यों के बीच लोगों के आपसी संपर्क को और बढ़ावा दिया जाएगा.
सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत जैसे जिले नेपाल से सटी हुई सीमाएं साझा करते हैं. इन इलाकों में दोनों देशों के नागरिकों का आना-जाना और आपसी लेन-देन काफी सामान्य बात है. योगी सरकार ने इन सीमाई क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी है.
भारत-नेपाल के बीच ऐतिहासिक रिश्ते
भारत और नेपाल के बीच रिश्ते सिर्फ दो देशों के नहीं, बल्कि दो परिवारों जैसे हैं. दोनों देशों के नागरिक बिना वीज़ा के एक-दूसरे के देश में आ-जा सकते हैं. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और बलरामपुर जैसे स्थान नेपाल की धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं के लिए प्रमुख केंद्र हैं. गोरखनाथ पीठ और पशुपतिनाथ मंदिर जैसे स्थलों से दोनों देशों की सांस्कृतिक एकता का प्रमाण मिलता है.
शांति और विकास के संकेत
मुख्यमंत्री योगी और नेपाल के मुख्यमंत्री की यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि दोनों देश भविष्य में मिलकर सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति, विकास और समृद्धि के लिए नए कदम उठाएंगे.
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