बकरीद पर नमाज को लेकर CM सीएम योगी का अधिकारियों को सख्त ऑर्डर! कहा- 'सड़क जाम करके...'
CM Yogi On Bakrid: बकरीद को लेकर CM योगी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश जारी किए. सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी, सड़क पर नमाज और अवैध स्लॉटर हाउस पर जीरो टॉलरेंस की बात कही गई.

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था और आगामी त्योहारों को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक की. बैठक में बकरीद और बड़ा मंगल की तैयारियों पर खास फोकस रहा. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परंपरागत स्थानों पर ही धार्मिक आयोजन कराए जाएं और सड़क जाम कर नमाज की अनुमति किसी भी हालत में न दी जाए.
2 पैन कार्ड मामले में आजम खान को बड़ा झटका, 7 से बढ़कर 10 साल हुई सजा
ईदगाहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के डीएम, कमिश्नर, एसपी और आईजी को निर्देश दिए कि ईदगाहों और संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए.
त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है. बैठक में मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी राजीव कृष्णा और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश भी मौजूद रहे.
अवैध स्लॉटर हाउस पर चलेगा अभियान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अवैध स्लॉटर हाउस और खुले में मांस बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही अवैध खनन और भू-माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर भी बड़ा फैसला लिया. अब हर विकास खंड में साप्ताहिक चौपाल लगाई जाएगी, जहां लोगों की शिकायतों का मौके पर समाधान किया जाएगा.
PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी मामले में अजय राय की सफाई, वीडियो को बताया AI जेनरेटेड
उन्होंने कहा कि आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून व्यवस्था और जनसुनवाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी.






















