Chamoli Tunnel Accident Live: 18 लोग रेस्क्यू, CM धामी ने छत्तीसगढ़-झारखंड के मुख्यमंत्री से की बात
Chamoli Tunnel Accident Live Updates: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं. सात महीने पहले भी इसी टनल में बड़ा हादसा हुआ था.
LIVE

Background
चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में अचानक भारी मलबा और पानी आने से बड़ा हादसा हो गया. करीब 18 मजदूर टनल के भीतर फंस गए, जबकि राहत-बचाव टीमों ने दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और बाकी लोगों को निकालने के लिए अभियान जारी है. जाननकारी के मुताबिक हादसा शाम करीब 6:10 बजे हुआ. निर्माणाधीन टनल में अचानक बड़ी मात्रा में मलबा और पानी घुस आया. उस समय टनल के भीतर मजदूर काम कर रहे थे. अचानक मलबा और पानी आने से वहां अफरा-तफरी मच गई और करीब 18 मजदूर अंदर फंस गए.
घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और टनल के भीतर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया. शुरुआती प्रयासों में दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. बाकी मजदूरों तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है.
Chamoli Tunnel Accident Live: अब तक 18 लोगों को रेस्क्यू किया गया- सीएम
सीएम धामी ने कहा कि पीपलकोटी के पास बिरही नदी पर बन रही टनल के अंदर काम करने वाले मज़दूर ऊपर से लैंडस्लाइड जैसी घटना के बाद अचानक कीचड़ और मलबे के बहाव में फंस गए. इस वजह से, कुछ लोग अंदर फंस गए. अब तक 18 लोगों को बचाया गया है.
Chamoli Tunnel Accident Live: सीएम धामी ने झारखंड-छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से की बात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के संबंध में झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता की. सीएम धामी ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को टनल में फंसे उनके राज्यों के श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया और बताया कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 16 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है तथा शेष प्रभावित श्रमिकों के लिए भी सभी आवश्यक प्रयास निरंतर जारी हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है. उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखण्ड सरकार प्रत्येक प्रभावित श्रमिक और उनके परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और राज्य सरकार का पूरा तंत्र प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा, उपचार और सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है.






















