CM योगी का संभल-अयोध्या पर बड़ा बयान, बोले- ‘बंटे थे, इसलिए कटे थे’
Ayodhya News In Hindi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास, परस्पर एकता और वर्तमान चुनौतियों का जिक्र किया. उन्होंने संभल की घटनाओं को बताते हुए कहा कि इतिहास की अनदेखी का नुकसान उठाना पड़ता है.

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में महंत परमहंस रामचंद्र दास महाराज की पुण्य स्मृति महामहोत्सव के आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास, परस्पर एकता और वर्तमान चुनौतियों का जिक्र किया. उन्होंने संभल की घटनाओं को बताते हुए कहा कि इतिहास की अनदेखी का सीधा मतलब अतीत की गलतियों को दोहराना है.
उन्होंने जातिगत समाज में बंटवारे पर कहा कि संभल इसका उदाहरण है, कैसे वहां हमारे तीर्थों पर कब्जा हो गया. साथ ही कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि अब संभल में दंगे नहीं होते.
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संभल के हरिहर मंदिर का जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि हम 2026 में हैं,1526 में आज का जो संभल है वहां हरिहर मंदिर तोड़कर गुलामी का ढांचा खड़ा कर दिया गया. यदि 1526 में हमने एकजुट होकर प्रतिकार किया होता तो 1528 में अयोध्या दोहराने की कोशिश नहीं होती. एकता की कमी थी हम बंटे थे, इसलिए कटे थे. उन्होंने बताया कि संभल में 67 तीर्थ थे, सब पर कब्जा हो गया. हमारी सरकार ने 10 हजार एकड़ भूमि से कब्जा हटवाया और वहां जिला मुख्यालय का निर्माण भी होगा. आगे कहा कि अब संभल में दंगा नहीं होता और कहा कि ये नहीं पता था कि वहां इस प्रकार का रावण राज होगा.
अयोध्या पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपसी और जाति के झगड़ों में फंसने से तीर्थों पर कब्जे हो गए और धार्मिक स्वरुप बदल गया. संभल इसका उदाहरण है. अयोध्या के बारे में कहा कि पहले अयोध्या बिजली के लिए तरसता था और उसे संकरी गलियों व गंदगी का पर्याय बना दिया गया था. आंदोलन के दौरान संतों ने संघर्ष किया, लेकिन हिन्दुओं की त्रासदी है कि जब प्रभु का राजतिलक होना है तो उन्हें वनवास दे दिया जाता है. यही फिर से हो रहा है और अयोध्या धाम पर निशाना साधा जा रहा है.
बंटवारे का किया जिक्र
14 अगस्त 1947 का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार यही प्रश्न खड़ा होता है,आज 14 अगस्त है. 14 अगस्त 1947 को आजादी के एक दिन पहले तब केवल हिंदू और सिख ही नहीं कटा था, तब भारत भी कटा था. आज से ठीक 77 वर्ष पहले सनातन राष्ट्र के रूप में जो भारत आदिकाल से एक इकाई के रूप में रहा हो, वह भारत कटा तो हिंदू भी कटा, कोई प्रश्न नहीं पूछता, आज भी जब पाकिस्तान और बांग्लादेश के अंदर निर्दोष हिंदू मारे जाते हैं, काटे जाते हैं और यह हर व्यक्ति जानता है कि यह मरने वाला जो हिंदू है, यह सभी दलित समुदाय से है.
एक भी जुबान भारत के अंदर उन राजनीतिज्ञों के मुंह से नहीं निकलती है, जो भारत के अंदर होने वाली किसी घटना में हाय-तौबा एक करके पूरे देश के अंदर घूमते हैं. पाकिस्तान हो या बांग्लादेश, इनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता.
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