Chardham Yatra 2025: हेली टिकटों और पार्किंग को लेकर मनमानी की तो खैर नहीं, चारधाम यात्रा की तैयारियां पूरी
Uttarakhand: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा जल्दी ही शुरू होने जा रही है, चारधाम यात्रा की पूरी तैयारियां हो गई है. यात्रियों को कोई भी परेशानी न हो इसका सरकार ने पूरा ध्यान रखा है.

UK Chardham Yatra: उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां पूरी कर ली हैं. कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं. साथ ही उन्होंने हेली टिकटों की कालाबाजारी और यात्रा मार्ग पर मनमानी पार्किंग फीस वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को और आसान किया गया
महाराज ने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को और आसान किया गया है. ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के अलावा मोबाइल ऐप और आधार नंबर के जरिए भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध होगी. हरिद्वार, ऋषिकेश और हरबर्टपुर में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन केंद्र बनाए गए हैं. इसके अलावा देहरादून में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्यालय में 24 घंटे चलने वाला स्टेट लेवल कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता करेगा.
कब खुलेंगे केदारनाथ के कपाट?
चारधाम यात्रा 30 अप्रैल 2025 से शुरू होगी, जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे. केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई, बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई और हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. यात्रा की व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन, पर्यटन विभाग और अन्य विभाग मिलकर काम कर रहे हैं.
यात्रा मार्गों पर सुविधाओं के लिए सरकार ने 12 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि आवंटित की है. इसमें गढ़वाल मंडल आयुक्त को 25 लाख, जिलाधिकारी हरिद्वार, टिहरी और देहरादून को एक-एक करोड़, जिलाधिकारी पौड़ी को 50 लाख, जिलाधिकारी चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग को तीन-तीन करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इस राशि से मार्गों पर पानी, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
हेलीकॉप्टर बुकिंग भी जल्द शुरू होगी- सतपाल
मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि हेलीकॉप्टर बुकिंग भी जल्द शुरू होगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेली टिकटों की बिक्री में पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोका जाए. साथ ही, यात्रा मार्गों पर पार्किंग शुल्क को लेकर मनमानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है. सरकार का लक्ष्य है कि लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें. स्थानीय लोगों ने भी सरकार के प्रयासों की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस बार यात्रा पहले से अधिक व्यवस्थित होगी. यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और तैयारियां अंतिम चरण में हैं.
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