उत्तराखंड: चारधाम यात्रा समाप्ति की ओर, 25 नवंबर को बंद होंगे बद्रीनाथ के कपाट
Dehradun News: अगले महीने में 5 नवंबर 2025 को देवरा प्रस्थान किया जाएगा. इसके बाद 6 नवंबर 2025 को बाबा के कपाट सभी श्रद्धालुओं को आगामी 6 माह के लिए बंद कर दिए जाएंगे. विजयदशमी को इसकी घोषणा हो गयी.

उत्तराखंड में मई के पहले सप्ताह से शुरू हुई चारधाम यात्रा अब अगले महीने 25 नवम्बर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त हो जाएगी. विजयदशमी के अवसर पर मंदिर प्रांगण में वैदिक मंत्र-उच्चारण के साथ पंचांग गणना के आधार पर भगवान तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की तिथि निकाली गयी. अगले महीने में 5 नवंबर 2025 को देवरा प्रस्थान किया जाएगा. इसके बाद 6 नवंबर 2025 को बाबा के कपाट सभी श्रद्धालुओं को आगामी 6 माह के लिए बंद कर दिए जाएंगे. इसके साथ ही 25 नवम्बर को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी बंद हो जाएंगे.
पंचांग गणना से निकाली गयी तिथि
हर वर्ष चारधाम यात्रा विधि-विधान से ही शुरू होती है और उसी अनुरूप समाप्त भी होती है. इस बार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में 45 लाख से अधिक श्रद्धालू दर्शन के लिए पहुंचे. अगर बीते दो महीने आपदा न रहती तो ये संख्या रिकॉर्ड तोड़ देती. अब यात्रा अपने अंतिम चरण में हैं, जिसमें बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे.
बता दें कि शाम को 2:56 पर बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे 21 नवंबर से पांच पूजाएं शुरू होंगी. वहीं द्वितीय केदार भगवान मध्यमेश्वर के कपाट 18 नवंबर को बंद किए जाएंगे. विजयदशमी के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिरुखी मठ में पंचांग गणना के अनुसार तिथि निश्चित की गई है. अब दोबरा से मंदिर के कपाट विधि विधान से अगले वर्ष ही खोले जाएंगे. यात्रियों के लिए तब तक कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे.
इस बार उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए कई इंतजाम किए थे जिससे यात्रा सुगम और कम नुकसान वाली रही. यात्रियों के लिए हेल्पलाइन, NDRF, SDRF की टीमें तैनात रहीं. इसके साथ ही बिना पंजीकरण के यात्रा नहीं होने दी. ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही तरह से पंजीकरण उपलब्ध रहे. जून मध्य, जुलाई और अगस्त में प्राकृतिक आपदाओं भारी बारिश और भूस्खलन ने यात्रा में कई बार विघ्न डाला.
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