चंद्रशेखर आजाद का ऐलान, 2027 में सत्ता में होगी भागीदारी, पिछड़ों को लेकर ये है प्लान
UP Politics: चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि पार्टी ने 2025 की शुरुआत में प्रदेश के 18 मंडलों में प्रबुद्ध जन सम्मेलन आयोजित किए, जिनमें वे स्वयं मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए.

- कांशीराम ने 18 मंडलों में प्रबुद्ध जन सम्मेलन आयोजित किए.
- दलित, पिछड़ा, मुस्लिम समाज ने आंदोलन को मजबूत करने का भरोसा दिया.
- पिछड़ा वर्ग सम्मेलन की आवश्यकता, अधिकारों पर चर्चा का सुझाव.
- दलितों पर हो रही राजनीति पर चंद्रशेखर ने उठाए सवाल.
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि पार्टी ने 2025 की शुरुआत में प्रदेश के 18 मंडलों में प्रबुद्ध जन सम्मेलन आयोजित किए, जिनमें वे स्वयं मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए. उन्होंने बताया कि इन सम्मेलनों में बहुजन समाज के बुद्धिजीवी वर्ग, रिटायर्ड अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार, चिंतक, जिला पंचायत सदस्य, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर संवाद किया गया.
चंद्रशेखर ने कहा कि दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के लोगों ने आंदोलन को मजबूत करने का भरोसा दिया और गांव-गांव जाकर प्रचार करने की सहमति जताई. इसके बाद पार्टी ने मुस्लिम समस्या और समाधान कार्यक्रम भी आयोजित किए. उन्होंने बताया कि 29 मार्च को लखीमपुर खीरी में पार्टी की अंतिम रैली हुई थी.
दोबारा पिछड़ा वर्ग सम्मेलन की जरुरत
नगीना सांसद ने कहा कि अब दोबारा पिछड़ा वर्ग सम्मेलन आयोजित करने की जरूरत है, ताकि पिछड़ों के अधिकार और उनकी सामाजिक-राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हो सके. खुद को पिछड़े वर्ग से बताते हुए उन्होंने कहा कि देश में जो भी अधिकारों और सुविधाओं से वंचित है, वह पिछड़ा है.
यूजीसी की गाइडलाइन का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े वर्ग के मुद्दे पर अन्य दल चुप रहे, जबकि उनकी पार्टी ने सड़क से लेकर विश्वविद्यालय तक आवाज उठाई. उन्होंने दावा किया कि आने वाले दो महीनों में पार्टी पूरे प्रदेश में बड़े कार्यक्रम करेगी.
बाबा साहेब के नाम पर राजनीती हो रही
तमाम राजनीतिक दलों द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के पहले हो रही राजनीति पर चंद्रशेखर ने कहा कि बाबा साहब किसी सरकार या पार्टी से बड़े हैं और उनकी जयंती दुनिया भर में मनाई जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले विरोध करते थे और आज उनके नाम पर राजनीति कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहब की जयंती मनाने के लिए अनुमति देने के मुद्दे पर उन्होंने पत्र लिखकर सरकार से जवाब मांगा है. चंद्रशेखर ने दावा किया कि उनके कार्यालय में बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं और उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपने महापुरुषों की जयंती मनाने का अधिकार है. लेकिन नई अनुमति नहीं दी गई है. अंत में उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है और आगे भी जनता के समर्थन से पार्टी मजबूत होगी. 2027 में वो सत्ता में हिस्सेदारी होंगें.
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Source: IOCL
























