बुलंदशहर भूमि अधिग्रहण घोटाला: इलाहाबाद HC का सीबीआई को जांच का निर्देश, 11 मई को अगली सुनवाई
बुलंदशहर भूमि अधिग्रहण घोटाला: इलाहाबाद HC का सीबीआई को जांच का निर्देश, 11 मई को अगली सुनवाई

प्रयागराज, एबीपी गंगा। बुलंदशहर भूमि अधिग्रहण घोटाला मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच का निर्देश दिया है। अदालत ने तीन महीने बाद सीबीआई से सील बंद लिफाफे में इसकी रिपोर्ट मांगी है। अब मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होगी। बतादें कि अदालत ने कमल सिंह और अन्य किसानों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल औऱ न्यायमूर्ति एस एस शमशेरी की पीठ ने यह आदेश पारित किया।
क्या है मामला? गौरतलब है कि साल 1991 में औद्योगिक विकास के उद्देश्य से यूपीएसआईडीसी के लिए करीब 969 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने के लिए एक अधिसूचना जारी की गई थी। एसएलएओ ने उस समय मुआवजे के लिए 2,87,14,996 रुपये निर्धारित किया था। कुछ किसान मुआवजे राशि से असंतुष्ट हुए तो इसे 7,13,37,504 रुपये कर दिया गया था। हालांकि इसके बाद भी कई किसानों ने जमीन पर से कब्जा नहीं छोड़ा।
यूपीएसआईडीसी ने भूमि का हस्तांतरण टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को करने के लिए 2013 में उसके साथ एक करार किया और इस बीच अधिकारियों ने खुद ही मुआवजा बढ़ाकर 387 करोड़ 17 लाख 71 हजार 833 रुपये कर दिया। यह राशि एक्स ग्रेशिया मुआवजा की आड़ में बढ़ाई गई, जबकि किसानों को मुआवजा पहले ही दिया जा चुका था।
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