BCCI से टक्कर लेकर PCB होने वाला है बर्बाद! खिलाड़ियों ने कहा - PSL खेलेंगे लेकिन पहले पैसा बढ़ाओ
आईपीएल को टक्कर देने के इरादे से पीएसएल को साथ में कराने का पीसीबी का फैसला अब गलत साबित हो रहा है. पाकिस्तान सुपर लीग में हिस्सा लेने वाले कुछ खिलाड़ी अब अपने कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा पैसे मांग रहे हैं.

PCB Going To Ruined By Competing With BCCI: पाकिस्तान की टी20 लीग पीएसएल के लिए हर दिन मुश्किलें बढ़ती जा रही है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने रविवार यानी 22 मार्च को ऐलान किया कि पीएसएल 2026 सिर्फ दो स्थानों पर आयोजित किया जाएगा, जबकि पहले छह स्थान तय किए गए थे. ये फैसला पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोलियम संकट की वजह से लिया गया है. अब, एक PTI रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीएसएल में हिस्सा लेने वाले कुछ खिलाड़ी पाकिस्तान में खेलने के लिए अपने तय कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा पैसे मांग रहे हैं, क्योंकि सुरक्षा हालात ठीक नहीं हैं.
पीएसएल पर मंडरा रहा है खतरा
पीसीबी की लीग पाकिस्तान सुपर लीग पर पेट्रोलियम संकट के अलावा दूसरा खतरा भी मंडरा रहा है. ये खतरा अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान की ‘खुली जंग’ के कारण मामला बिगड़ता जा रहा है. इस वजह से विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. विदेशी खिलाड़ी पीएसएल छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने के लिए जा रहे हैं. यही कारण है कि पाकिस्तान सुपर लीग में उतरने से पहले कुछ खिलाड़ियों ने कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा पैसे की मांग कर रहे हैं. PTI ने एक सूत्र के हवाले से कहा, ‘पीसीबी फिलहाल पीएसएल को तय समय पर आयोजित करने पर पूरी तरह ध्यान दे रहा है. उन विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ कोई कार्रवाई तय नहीं की है. जिन्होंने निजी कारणों से लीग छोड़ दी है या खुलेआम अपने पीएसएल कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन कर आईपीएल में खेलने चले गए हैं.’
मोहसिन नकवी करेंगे खिलाड़ियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने कहा कि वे कॉन्ट्रैक्ट के शर्तों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे, लेकिन ये कोई आसान समाधान नहीं है. सामने आई एक रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि पीसीबी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) से संपर्क कर सकता है, ताकि खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट का सम्मान करने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया जा सके. अब ये देखना होगा कि आईसीसी निजी संस्थाओं के बीच इस मामले में क्या और कैसे फैसला ले सकता है.


















