बस्ती के चंदोताल का होगा 'कायाकल्प', 100 करोड़ की लागत से वाटर स्टेडियम बनाने की योजना
Basti News In Hindi: ट्रांसजेंडर आयोग के सदस्य अजय कुमार पांडेय ने करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से चंदो ताल में आधुनिक वाटर स्टेडियम बनाने की योजना प्रस्तुत कर दी है.

500 एकड़ में फैले बस्ती के ऐतिहासिक चंदो ताल को लेकर एक बड़ी पहल सामने आई है, जहां ट्रांसजेंडर आयोग के सदस्य अजय कुमार पांडेय ने करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से चंदो ताल में आधुनिक वाटर स्टेडियम बनाने की योजना प्रस्तुत कर दी है. इस योजना ने न सिर्फ जिले में विकास की नई उम्मीद जगाई है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
अब तक जिले में विकास के नाम पर सांसद और विधायक निधि से स्टेडियम, ऑडिटोरियम और अन्य निर्माण कार्यों के दावे किए जाते रहे हैं. लेकिन जमीनी हकीकत यह रही कि कई योजनाएं या तो अधूरी रह गईं या फिर उनका अपेक्षित लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाया. ऐसे में अजय कुमार पांडेय की यह पहल एक अलग सोच और दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें बिना किसी राजनीतिक पद के भी बड़े स्तर पर विकास संभव दिखाया गया है.
स्थानीय युवाओं को मिलेगा फायदा
इस महत्वाकांक्षी वाटर स्टेडियम परियोजना का सबसे बड़ा लाभ जिले के युवाओं को मिलने वाला है. चन्दो ताल में वाटर स्टेडियम में कन्वर्ट करने की योजना अगर धरातल पर उतरती है तो इस के जरिए सैकड़ों युवा खिलाड़ियों को वाटर स्पोर्ट्स में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. यह मंच उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होगा, जिससे बस्ती का नाम खेल जगत में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है.
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा चंदोताल
अजय पांडे ने बातचीत में कहा कि योजना के तहत चन्दो ताल को एक आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है. यहां बोटिंग, जल क्रीड़ाएं, दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू टीम और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके साथ ही झील के आसपास हरियाली, पार्किंग, वॉकिंग ट्रैक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी योजना है, जिससे यह स्थान बस्ती ही नहीं पूरे पूर्वांचल के लिए पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सके.
स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर
उन्होंने कहा इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के कई नए अवसर भी उत्पन्न होंगे. मछली पालन, ऑर्गेनिक खेती, कमल उत्पादन और उससे जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा. चंद्रा ताल में पहले से ही कमल की अच्छी पैदावार होती है, जिसका व्यावसायिक उपयोग कर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाई जा सकती है.
पर्यटन बढ़ने बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
इसके अलावा पर्यटन बढ़ने से गाइड, दुकानदार, होटल व्यवसाय और अन्य सेवाओं में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. चन्दो ताल में कमल का फूल बड़े पैमाने पर पैदा होता है, जिसको अगर संरक्षित किया जाता है तो यक़ीनन बस्ती के चंदों ताल के कमल दिल्ली की संसद और बीजेपी दफ्तर में अपनी खुशबू बिखेरेगी.
अजय कुमार पांडेय इससे पहले भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं. उन्होंने राज्यपाल के हाथों गरिमा गृह का उद्घाटन करवाकर अपनी कार्यक्षमता और समाज के प्रति समर्पण को साबित किया है. अब इस नई योजना के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि यदि सोच सकारात्मक हो और इरादे मजबूत हों, तो बिना किसी सरकारी पद के भी बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं.
बताया जा रहा है कि केंद्रीय जलीय बोर्ड के निर्देशन के बाद इस परियोजना को जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है. यदि ऐसा होता है, तो यह योजना बस्ती के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है और जिले को एक नई पहचान दिला सकती है.
अजय पांडेय की यह पहल न केवल विकास की नई दिशा दिखाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि विकास केवल सरकारी फंड या पद पर निर्भर नहीं होता, बल्कि इसके लिए दूरदर्शी सोच, ईमानदारी और प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है. यह परियोजना आने वाले समय में बस्ती के लिए आर्थिक, सामाजिक और खेल क्षेत्र में बड़े बदलाव का कारण बन सकती है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























