26 मई को किसानों का विरोध दिवस, मायावती ने समर्थन देते हुये सरकार पर किया हमला
कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों ने 26 मई को विरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है. इस बीच बीएसपी मुखिया मायावती ने केंद्र सरकार को घेरा है.

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कृषि कानून के विरोध में किसानों के आंदोलन को समर्थन की बात दोहरायी है. उन्होंने कहा कि, किसानों द्वारा कल यानी 26 मई को विरोध दिवस को अपना पूरा समर्थन देते हैं. साथ ही उन्होंने सरकार से अपील करते हुये कहा कि, किसानों के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत है.
बसपा सुप्रीमो ने ट्वीट करते हुये लिखा कि सरकार का किसानों के प्रति टकराव का ही रहा है. जिसके चलते दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों में हालात तनावपूर्ण रहे. उन्होंने कहा सरकार किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश करे.
1. तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की माँग को लेकर देश के किसान कोरोना के इस अति-विपदाकाल में भी लगातार आन्दोलित हैं। आन्दोलन के 6 महीने पूरे होने पर कल 26 मई को उनके देशव्यापी ’विरोध दिवस’ को बीएसपी का समर्थन। केन्द्र को भी इनके प्रति संवेदनशील होने की जरूरत। 1/2
— Mayawati (@Mayawati) May 25, 2021
2. देश के किसानों के प्रति केन्द्र का रवैया अभी तक अधिकतर टकराव का ही रहने से उत्पन्न गतिरोध के कारण खासकर दिल्ली के पड़ोसीे राज्यों आदि में स्थिति काफी तनावपूर्ण है। आन्दोलित किसानों से वार्ता करके व इनकी समस्या का हल निकालने की केन्द्र सरकार से बीएसपी की पुनः अपील। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) May 25, 2021
दिल्ली बॉर्डर पर डटे हैं किसान
बता दें कि, भारतीय किसान यूनियन के अगुवाई में किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि, तीनों नये कृषि कानूनों को सरकार वापसे ले. वहीं, दिल्ली और उससे लगने वाली सीमा पर किसान लगातार मोर्चा लिये हुये हैं. कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन नहीं छोड़ा. हालांकि, इस दौरान अधिक संख्या में किसान प्रदर्शन के दौरान नहीं दिखे.
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