ट्रंप के टैरिफ पर मायावती ने जताई चिंता, BSP सुप्रीमो की मोदी सरकार को सलाह- 'बचना बहुत जरूरी'
UP News: बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीएसपी के संस्थापक कांशीराम के आदर-सम्मान में 9 अक्टूबर को उनकी पुण्यतिथि पर लखनऊ में होने वाले राज्यव्यापी कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने की अपील की.

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज रविवार (7 सितंबर) को लखनऊ में बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. इस बैठक में मायावती ने पार्टी संगठन के गठन और पार्टी के जनाधार को जमीनी स्तर पर बढ़ाने के लिए जिला से लेकर बूथ की कमेटी के गठन को लेकर चलाये गये अभियान की गहन समीक्षा की.
इस बैठक में मायावती ने अमेरिका द्वारा थोपे गये भारी भरकम 50 प्रतिशत ट्रम्प टैरिफ के आतंक से उभरी नई चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे सही से निपटने के लिए खासकर भारत व सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को व्यापक जन व देशहित का ध्यान रखते हुये अपनी नीतियों व कार्यक्रमों में ठोस व भारी सुधारवादी रवैया अपनाने की जरूरत है. वरना देश के विशाल बहुजनों की गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा, घरो से दूर पलायन की विवशता आदि की समस्यायें और भी जटिल होकर देश के मान-सम्मान को भी दुनिया में प्रभावित करेंगी, जिससे बचना बहुत जरूरी है.
इस दौरान मायावती ने यूपी सहित दूसरे राज्यों में भी विभिन्न धर्मों के पूजास्थलों और उनके संतों, गुरुओं व महापुरुषों आदि का निरादर करके सामाजिक, साम्प्रदायिक और राजनीतिक हालात बिगाड़ने के षडयंत्र पर गंभीर चिन्ता व्यक्त की. मायावती ने कहा कि सभी सरकारों को, संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक व द्वेषपूर्ण राजनीति त्याग कर, ऐसे आपराधिक तत्वों के प्रति कड़ा कानूनी रवैया अपनाकर कानून का राज जरूर स्थापित करना चाहिए.
मायावती ने बीएसपी के संस्थापक कांशीराम के आदर-सम्मान में 9 अक्टूबर को उनकी पुण्यतिथि पर लखनऊ में होने वाले राज्यव्यापी कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने की अपील की. मायावती ने बैठक में कहा कि इस बार मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि कार्यक्रम बीएसपी द्वारा उनके आदर-सम्मान में राजधानी लखनऊ के वीआईपी रोड पर स्थित विशाल और भव्य 'मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल' में अपार श्रद्धा-सुमन कार्यक्रम आयोजित होगा. जिसमें वह खुद शामिल होकर, इस पुण्यतिथि कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगी और आगे की राजनीतिक चुनौतियों से संघर्ष के लिये रूपरेखा पर भी चर्चा करेंगी.
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