यूपी में Gen Z पर बीजेपी का फोकस, BJYM ने बना लिया खास प्लान
BJP Connect With Gen-Z: रोहित मिश्रा ने छात्र आंदोलन के दौरान भाषा को लेकर कहा कि आंदोलन तो हमने भी किए, लेकिन कभी भी मर्यादा की सीमा नहीं तोड़ी. हम उनसे अब संवाद बढ़ाएंगे.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बाद अब भारतीय जनता पार्टी 'जेन-जी' युवाओं को जोड़ने के लिए नई रणनीति पर काम करेगी. इसका खुलासा भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने किया है. उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा अब युवाओं की भाषा, उनकी समस्याओं और उनके प्लेटफॉर्म को समझते हुए उनके बीच जाएगा.
रोहित मिश्रा ने छात्र आंदोलन के दौरान भाषा को लेकर कहा कि आंदोलन तो हमने भी किए, लेकिन कभी भी मर्यादा की सीमा नहीं तोड़ी. हम उनसे अब संवाद बढ़ाएंगे.
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जेन-जी की भाषा और संस्कार पर चिंतन
रोहित मिश्रा ने कहा कि जेन-जी की भाषा से बेहद आहत हैं, आज की पीढ़ी व्यूज और रीच के चक्कर में अपने संस्कार भूलते जा रही है.हम युवाओं के बीच हैं और उनकी भाषा में बात करेंगे. उन्होंने कहा कि अब कोचिंग, क्लबिंग और भजन-कीर्तन के जरिए उनसे जुड़ेंगे . उन्होंने आगे कहा कि जबसे उन्होंने आँख खोली, तबसे सब कुछ अच्छा मिला है. उनकी उम्र में लगता है हम देश बदल देंगे. उनका गुबार सुनेंगे और सही बात उनके सामने रखेंगे. वे इंस्टाग्राम में 30 सेकेंड में सब कुछ बता देते हैं, लेकिन हम उनके असली मुद्दों का समाधान करेंगे.
प्रदेश से मंडल स्तर तक कनेक्ट होंगे
रोहित मिश्रा ने बताया कि युवा मोर्चा अब प्रदेश, मंडल, महानगर और छोटी जगहों तक युवाओं के पास तक जाएगा. इसके साथ ही प्रदेश स्टार की टीम का गठन किया जायेगा, जिसमें खास लोग शामिल किए जाएंगे. युवाओं की समस्या सुनना और उसका समाधान करवाया जाएगा. परिवार में बढती न्यूक्लियर फैमिली पर चर्चा और स्वतंत्रता व स्वछंदता में अंतर समझाया जाएगा. पुरानी चीजें समझाई जाएंगी जैसे मोहल्ले में पहले हर कोई टोक देता था.
2047 के विकसित भारत का लक्ष्य
इसके साथ ही रोहित मिश्रा ने सरकार से भी अनुरोध किया है कि टीवी पर युवाओं को जो कुछ परोसा जा रहा है, वह सही और सकारात्मक हो. उन्होंने कहा, "100 प्रतिशत हमारे साथ आएंगे और 2047 के विकसित भारत के निर्माण में साथ खड़े होंगे." पुरानी व्यवस्था की याद दिलाते हुए कहा, "आपातकाल में जो दिए, 12-17 में भर्तियां बेची जाती थीं. नारा चलता था कौन होगा लेखपाल, तय करेंगे लेखपाल. यह सच्चाई हम उनके बीच ले जाएंगे."
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