यूपी के रामलाल यादव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानित, शिक्षा के क्षेत्र में दिया है खास योगदान
Bhadohi News: यूपी के भदोही में कंपोजिट स्कूल के प्रधानाध्यापक रामलाल यादव को राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है. 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें सम्मानित करेंगी.

भदोही जिले के ब्लॉक संसाधन केन्द्र ज्ञानपुर के बड़वापुर कंपोजिट विद्यालय के प्रधान अध्यापक रामलाल सिंह यादव राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होंगे. शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें चुना गया है. इसके लिए तीन इंटरव्यू और 45 पैरामीटर पर खरे उतरे, जिसके बाद उनके नाम पर मुहर लगी.
शिक्षक दिवस 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के 45 शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित करेंगी. उत्तर प्रदेश के दो शिक्षकों को भी चयनित किया गया है. इनमें एक नाम भदोही के शिक्षक रामलाल सिंह यादव का है. अपने नाम का चयन होने के बाद वो बेहद ख़ुश हैं. उन्होंने इस उपलब्धि को अपने बच्चों और स्कूल के शिक्षकों की उपलब्धि बताया है.
रामलाल सिंह यादव ने कहा कि अब तक 16 सालों के अपने शैक्षिक जीवन वो प्राथमिक विद्यालय श्रीपुर, प्राथमिक विद्यालय चितईपुर और उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़वापुर के बच्चों को 150 बच्चों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल करा चुके हैं.
वे बच्चों को नवोदय विद्यालय, विद्या ज्ञान, राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा, श्रेष्ठ, अटल आवासीय विद्यालय, आश्रम पद्धति विद्यालय, प्रधानमंत्री यशस्वी स्कॉलरशिप, भारतीय डाक विभाग, नेशनल इंस्पायर अवार्ड जैसी प्रतियोगिताओं की तैयारी भी करवाते हैं.
शिक्षा के क्षेत्र में दिया अहम योगदान
मूलरूप से गाजीपुर के भाला खुर्द गांव निवासी रामलाल यादव ने 23 दिसंबर 2009 से प्राथमिक विद्यालय श्रीपुर में सहायक अध्यापक के रूप में अपनी सेवा आरंभ की थी. इसके बाद 7 जुलाई 2011 को चितईपुर विद्यालय में इनकी नियुक्ति हुई. 15 नवंबर 2014 को उन्होंने स्मार्ट क्लास की स्थापना कर इसे जिले का पहला स्मार्ट विद्यालय बनाया. 2015 में उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार प्राप्त किया.
12 मई 2015 को प्रधानाध्यापक पद ग्रहण करने के बाद विद्यालय की अनेक चुनौतियों को उन्होंने अवसर में बदला. इनके प्रयासों का असर रहा कि इनके विद्यालय को 2022 में SCERT द्वारा उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार प्राप्त हुआ.
कई पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
रामलाल सिंह यादव को उनके शिक्षण नवाचारों, ICT आधारित शिक्षण, TLM, हस्त पुस्तिका लेखन, सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए कई बार सम्मानित किया गया है. SCERT द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उन्हें कुल 17 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं.
इन पुरस्कारों में उत्कृष्ट पाठ योजना, कला एवं पपेट्री, कहानी लेखन, स्क्रिप्ट लेखन, मेरा विद्यालय मेरी पहचान, ICT पुरस्कार शामिल हैं. इसके अलावा, बेसिक शिक्षा विभाग की प्रेरणा पत्रिका में उनके लेख और नवाचार प्रकाशित हो चुके हैं.
सरकारी स्कूल में लिखवाया खुद के बच्चों का नाम
रामलाल यादव के दो बच्चे हैं. उन्होंने खुद भी अपने बच्चों का नाम सरकारी स्कूल में लिखाया है. इसके पीछे उन्हें ये संदेश देना था कि अगर नेक इरादे हो तो सरकारी विद्यालयों में भी बेहतर माहौल और पढ़ाई हो सकती है. इसके बाद इनके विद्यालयों में खूब नामांकन हुए.
उन्होंने कहा कि शिक्षा एक सेवा है. अगर हम इसे नौकरी मानकर करेंगे तो अपना बेस्ट नहीं दे पाएंगे. उन्होंने सभी शिक्षकों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ बच्चों की पढ़ाई कराने का आह्वान किया. रामलाल यादव को आगामी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित किया जाएगा.
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Source: IOCL






















