Basti News: दो साल पहले मृत घोषित हो चुकी महिला पहुंची थाने, पुलिस के उड़े होश, OTP ने खोला राज
Basti Crime News: यह मामला कप्तानगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली प्रियंका प्रजापति का है, जो पति से अनबन के बाद मायके चली गई. फिर वहां से आत्महत्या की बात कहकर राजस्थान के युवक से शादी कर ली.

बस्ती से बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बस्ती पुलिस के उस वक्त होश पाख्ता हो गए, जब दो साल पहले मृत घोषित हो चुकी महिला अचानक थाने पहुंच गई. ये वही महिला थी जिसके हत्या की जांच पिछले दो साल से पुलिस कर रही थी.पुलिस को इस बात का तनिक भी अंदेशा नहीं था कि थाने में जिस महिला के हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है वो सही सलामत है और एक शख्स के साथ दूसरे राज्य में हंसी खुशी जीवन यापन कर रही है.
अपने बच्चे को पुचकारते हुए इस बेबस पिता को देखिए, जिसका बच्चा अब उसे अपना पिता मानने को नहीं तैयार है, मगर पिता अब भी बच्चे को अपनाने की जिद पर अड़े है. मगर पत्नी को साथ रखने से साफ इनकार कर दिया है. चौंकाने वाले इस प्रकरण में एक महिला मर कर जिंदा हो गई और अब पूरे परिवार के लिए फिर से नई मुसीबत लेकर आ गई है.
पिता और पति दोनों महिला प्रियंका की करतूत से दो साल तक परेशान रहे और जब वह सामने आ गई तो अब उसे दुत्कार कर अपनाने से मना कर दिया गया. एक ओटीपी ने प्रियंका के राज से पर्दा हटा दिया और उसकी खौफनाक कहानी सबके सामने आ गई.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पिलखायें गांव की रहने वाली प्रियंका प्रजापति की कहानी बेहद अजीब और चौंकाने वाली है. बस्ती जनपद के रहने वाले संदीप के साथ 14 मई 2017 को प्रियंका की धूमधाम से शादी हुई, 8 साल तक सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा, दोनों से एक बेटा भी हुआ.मगर, अचानक रिश्तों में अनबन शुरू हुई तो 1 जुलाई को प्रियंका नाराज होकर ससुराल से लाखों के जेवरात लेकर अपने मायके आ गई.
फिर इसके कुछ ही घंटे में वह अपने बच्चे को लेकर मायके से आत्महत्या करने के लिए निकली, कई बार उसने सुसाइड का प्रयास किया, मगर वह सफल नहीं हुई. थक हार कर वह अयोध्या में भगवान राम का दर्शन करने पहुंची. यहां उसकी मुलाकात राजस्थान के मंगल चंद्र से हुई.इसके बाद प्रियंका ने आत्महत्या का इरादा छोड़ मंगल के साथ नए जीवन की शुरूआत की.प्रियंका और मंगल चंद्र राजस्थान चले गए और पति पत्नी की तरह जिंदगी बसर करने लगे.
प्रियंका के माता-पिता पर लगा बेटी की हत्या का आरोप
वहीं, पत्नी के गायब होने के बाद पति संदीप काफी परेशान हो गया, उसे लगा उसकी पत्नी की हत्या कर दी गई है, जब वह प्रियंका के मायके पहुंचकर जानकारी लिया तो कुछ लोगों ने उसे बताया कि जेवरों के चक्कर में उसके पिता ने प्रियंका और उसके बच्चे की हत्या कर लाश को सरयू नदी में फेंक दिया है.
दो साल तक बेटी की हत्या का दंश झेलते रहे मां-बाप
इसके बाद संदीप ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद 4 नवंबर 2024 को कप्तानगंज थाने में प्रियंका के पिता दयाराम, मां सुभावती देवी, चाचा की लड़की संजना और एक अन्य ग्रामीण अशोक कुमार मौर्य के खिलाफ प्रियंका की हत्या और सुबूत मिटाने की गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज किया गया. अब ये सभी चार लोग पुलिस की नजर में उस जुर्म के आरोपी बन चुके थे जो उन्होंने किया ही नहीं था. प्रियंका बिना बताए घर से निकली और उसकी हत्या का दंश उसके मां-बाप 2 साल तक झेलते रहे.
ओटीपी से खुला प्रियंका के जीवित होने का राज
धीरे धीरे समय बीतते गया और सच सामने आने लगा, प्रियंका के पति संदीप को शक हुआ कि उसकी पत्नी की हत्या नहीं हुई है. फिर एक रोज संदीप के मोबाइल पर प्रियंका के आधार कार्ड में नाम और फोटो बदलने के लिए ओटीपी का मैसेज आया, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई. पुलिस ने राजस्थान जाकर प्रियंका को खोज निकाला, अब प्रियंका समाज के सामने बाकायदा जिंदा होकर आ चुकी है.
पुलिस के लिए सिरदर्द बनी प्रियंका बेनकाब हो चुकी है, प्रियंका के पिता और मां अपनी ही बेटी की हत्या के आरोपों से अब बरी हो चुके है, प्रियंका को अब न तो उसके पिता अपनाना चाहते और न ही उसका पति ही उसे साथ रखने को तैयार है, रिश्तों की डोर इस कदर कमजोर हो चुकी है कि अब प्रियंका खुद भी पति या पिता के साथ रहने के बजाए अपने दूसरे पति मंगल चंद्र के साथ रहना चाहती है.
मामले में पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?
एएसपी श्यामकांत ने बताया कि वर्ष 2024 में कप्तानगंज थाने में एक महिला की हत्या की एफआईआर दर्ज हुई थी, इस मामले की जांच हो रही थी, तभी महिला प्रियंका जिंदा मिल गई. प्रकरण की जांच की जा रही है, हत्या का मुकदमा कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ था, इस मामले में महिला का कोर्ट में बयान हो चुका है.महिला के बच्चे को लेकर उसके पहले पति ने पुलिस से सौंपने को कहा है जिस पर सभी पक्षों से बात की जा रही है. विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.


















