बरेली में 9 घंटे तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रहा परिवार, 8वीं के छात्र की सूझबूझ ने बचाए लाखों रुपये
Bareilly Cyber Scam: साइबर ठगों ने खुद को जांच एजेंसी से जुड़ा अधिकारी बताया था. दोनों पति-पत्नि को आतंकवादी संगठन से संपर्क होने का डर दिखाते हुए ठगों ने लगातार दोनों पर मानसिक दबाव बनाया.

उत्तर प्रदेश के बरेली में 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर साइबर ठगी की एक बड़ी कोशिश नाकाम हो गई. यहां 8वीं कक्षा के छात्र की सूझबूझ ने अपने पिता को साइबर ठगी से बाल-बाल बचा लिया. यह मामला बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुर्खा इलाके की है. सुर्खा इलाके के रहने वाले संजय कुमार, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी. कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और गंभीर आरोप लगाते हुए बातचीत शुरू की. साइबर ठगों ने संजय और उनकी पत्नि दोनों को ही डिजिटल अरेस्ट कर लिया और करिब नौ घंटे तक आतंकवादी संगठन से संपर्क होने के नाम पर धमकाते रहे.
इन साइबर ठगों ने खुद को जांच एजेंसी से जुड़ा अधिकारी बताया था. दोनों पति-पत्नि को आतंकवादी संगठन से संपर्क होने का डर दिखाते हुए ठगों ने लगातार दोनों पर मानसिक दबाव बनाया. इस दौरान ठग दंपति से कई तरह की निजी जानकारियां भी हासिल करते रहे, जिसमें उनकी पूरी बैंकिंग जानकारी भी शामिल थी. इसके बाद साइबर ठग संजय को रकम ट्रांसफर करने के लिए उकसाने लगे. करीब नौ घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बीच उनके बेटे तन्मय ने स्थिति को समझते हुए तुरंत समझदारी दिखाई.
कैसे छात्रा की सूझबूझ से ठगी हुई नाकाम?
8वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे छात्र तन्मय ने रात में ही अपने माता-पिता के मोबाइल फोन बंद करा दिया, जिससे ठगों का संपर्क टूट गया और संभावित ठगी टल गई. हालांकि, अगले दिन जब फोन दोबारा चालू किया गया तो फिर से कॉल आने लगीं. संजय ने तुरंत प्रेमनगर थाने में सूचना दी. पुलिस की साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और लोगों से ऐसे मामलों में सतर्क रहने की अपील की है. पुलिस ने शिकायत मिलने के महज 10 मिनट के भीतर पीड़ित का बैंक खाता फ्रीज कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, संजय के खाते में करीब छह लाख रुपये थे. एक तरह से लगभग 6 लाख रुपये की साइबर ठगी रुक गई. इस घटना के बाद प्रेमनगर थाने की साइबर टीम को SSP अनुराग आर्य ने10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है.
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Source: IOCL


























