बलिया में बीजेपी नेता का हंगामा, इंजीनियर को जूते से पीटा, ऑफिस में तोड़फोड़ के बाद FIR दर्ज
Ballia News: घटना अधीक्षण अभियंता के चैंबर में हुई. वीडियो में देखा जा सकता है कि आक्रोशित बीजेपी नेता मुन्ना बहादुर सिंह अधीक्षण अभियंता लाल सिंह पर जूते से हमला कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के बलिया से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक बीजेपी नेता ने विद्युत विभाग के इंजीनियर की कार्यालय में घुसकर जूते से पिटाई कर दी. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसके बाद बीजेपी नेता मुन्ना सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
घटना आज दोपहर करीब 12:30 बजे हुई और यह वीडियो तेजी से चर्चा का विषय बन गया है. उधर विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में आक्रोश फ़ैल गया है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक घटना बलिया शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित अधीक्षण अभियंता के चैंबर में हुई. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि आक्रोशित बीजेपी नेता मुन्ना बहादुर सिंह अधीक्षण अभियंता लाल सिंह पर जूते से हमला कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग उन्हें बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं.
लाल सिंह ने बताया कि मैं दोपहर 12:30 बजे ऑफिस में काम निपटा रहा था. तभी मुन्ना बहादुर सिंह सागरपाली निवासी 20-25 लोगों के साथ आए और बिना कारण जानलेवा हमला कर दिया. लात-घूसों से पिटाई की, ऑफिस के कागज फाड़ने की कोशिश की, सामान फेंका, और कांच की ग्लास तोड़ दी. हम विधिक कार्रवाई करेंगे.
बीजेपी नेता का दावा
दूसरी ओर जिला अस्पताल में इलाज करा रहे मुन्ना बहादुर सिंह ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि हम 17 साल से चली आ रही बिजली समस्या को लेकर पत्र देने गए थे. अधीक्षण अभियंता ने गाली दी और उनके ऑफिस के लोगों ने हम पर हमला कर दिया. अभी इलाज चल रहा है, शिकायत बाद में करेंगे. मुन्ना का दावा है कि विवाद उनकी शिकायत से शुरू हुआ.
पुलिस की कार्रवाई
ASP कृपा शंकर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि दोपहर को सागरपाली निवासी मुन्ना बहादुर सिंह और उनके साथियों ने अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में मारपीट, गाली-गलौज, और सरकारी काम में बाधा डाली. तहरीर के आधार पर सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम तैनात की गई है, और फोर्स मौके पर मौजूद है.
वायरल वीडियो और सियासी रंग
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जनता और राजनीतिक दलों के बीच बहस छेड़ दी है. माना जा रहा है कि इस मामले में अगर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मामला बढ़ सकता है.
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Source: IOCL





















