बागपत: STF मेरठ यूनिट की असलहा तस्करों पर कार्रवाई, मुठभेड़ में 4 बदमाश गिरफ्तार, 2 घायल
UP News: बागपत जिले के एसटीएफ मेरठ यूनिट और स्वाट टीम ने मिलकर असलहे की तस्करी करने वाले दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद हिरासत में लिया है. पैरों में गोली लगने के कारण दोनों को अस्पताल भेजा गया.

Baghpat News: उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान में एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है. प्रदेश के बागपत जिले में एसटीएफ मेरठ यूनिट ने मुठभेड़ के बाद अंतरराज्यीय असलहा तस्करी करने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 9 पिस्टल-तमंचे और 28 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.
गिरफ्तार किए गए बदमाशों में अमित कुमार (बड़ौत, बागपत), सन्नी (लोनी, गाजियाबाद), विनीत पवार (अहेड़ा, बागपत) और मनीष कसाना उर्फ मनीष पंडित (लोनी, गाजियाबाद) शामिल हैं. मुठभेड़ के दौरान सन्नी और मनीष के पैरों में गोली लगी. एसटीएफ ने इनके पास से 4 पिस्टल (32 बोर), 3 तमंचे (315 बोर), 2 तमंचे (12 बोर), 28 जिंदा कारतूस और 2 मोटरसाइकिल (रॉयल एनफील्ड और स्प्लेंडर) बरामद की हैं.
STF और स्वाट टीम ने घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ा
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश ग्राम बावली के जंगल में असलहे बेचने आने वाले हैं. इस पर एसटीएफ टीम ने थाना बड़ौत पुलिस और स्वाट टीम के साथ घेराबंदी की. खुद को फंसा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने बहादुरी दिखाते हुए बदमाशों को पकड़ लिया.
पूछताछ में सामने आया कि बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास है. मनीष कसाना पर आरोप है कि उसने 2023 में बागपत में रतन सिंह की हत्या की थी. वहीं सन्नी और उसके साथियों ने गाजियाबाद के टीला मोड़ इलाके में प्रमोद कसाना उर्फ लालू की हत्या कर दी थी. प्रमोद की हत्या में शामिल जीतू उर्फ जितेंद्र पर एक लाख का इनाम था, जो फरवरी 2025 में एसटीएफ मुठभेड़ में मारा गया था.
बदमाश असलहे खरीदकर ऊंचे दामों में बेचते थे
गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि वे असलहे बागपत के अहेड़ा गांव के जोगी उर्फ जोगिंदर से खरीदते थे. एक तमंचा 3 हजार रुपये में और पिस्टल 45 हजार रुपये में खरीदकर ऊंचे दामों पर बेचते थे. ये लोग लंबे समय से असलहे की तस्करी कर रहे थे.
उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) का गठन राज्य में संगठित अपराध, माफिया गिरोहों, आतंकवाद और हथियारों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए किया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पिछले कुछ वर्षों में एसटीएफ ने कई बड़े अपराधियों और गैंग्स पर कड़ी कार्रवाई की है. इसका असर यह है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में गिना जाने लगा है.
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Source: IOCL
























