Char Dham Yatra 2023: वायरल वीडियो के बाद केदारनाथ मंदिर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी बैन, पकड़े जाने पर होगा एक्शन
Kedarnath Temple: केदारनाथ मंदिर के परिसर के अंदर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को बैन कर दिया गया है. इस संबंध में मंदिर समिति द्वारा जगह-जगह चेतावनी वाले बोर्ड लगाए गए हैं.

Char Dham Yatra 2023: श्री बद्रीनाथ (Badrinath)-केदारनाथ मंदिर (Kedarnath Temple) समिति ने केदारनाथ मंदिर के अंदर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगा दिया है. मंदिर समिति केदारनाथ मंदिर परिसर में जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाई कि अगर कोई फोटो लेता या वीडियो बनाता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बीते दिनों वायरल वीडियो और रीलस् के बाद ये फैसला किया गया है.
श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजय अजेंद्र ने इस संबंध में जानकारी दी है. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में समिति के अध्यक्ष ने बताया, ''पिछले दिनों कुछ तीर्थयात्री मंदिर के अंदर अभद्र तरीके से वीडियो और रील बना रहे थे और तस्वीरें भी खींच रहे थे इसलिए केदारनाथ में चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं." ये फैसला बीते दिनों वायरल हुए दो वीडियो के बाद लिया गया है. हालांकि इससे पहले भी समिति ने एक पत्र लिखा था, जिसमें परिसर के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने की बात कही थी.
UP Politics: अखिलेश यादव को नहीं भा रहे सहयोगी, हर चुनाव से पहले सपा कर रही नए प्रयोग
बोर्ड पर लिखी है ये बातें
लेकिन अब मंदिर समिति द्वारा लगाए गए बोर्ड में कहा गया है कि मंदिर परिसर में मोबाइल फोन लेकर प्रवेश न करें, मंदिर के भीतर किसी प्रकार की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूर्णत: वर्जित है और आप सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हैं. कुछ अन्य बोर्ड में मंदिर और मंदिर परिसर में मर्यादित वस्त्र ही धारण करने को कहा गया है जबकि एक अन्य बोर्ड में कहा गया है कि मंदिर प्रांगण में तंबू या शिविर स्थापित करना दंडनीय अपराध है.
हिंदी और अंग्रेजी में लिखे इन बोर्ड में साफ तौर पर कहा गया है कि ऐसा करते पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हाल में गढ़वाल हिमालय में स्थित केदारनाथ मंदिर में बनाए गए ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए जिन्हें लेकर तीर्थ पुरोहितों से लेकर आम श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने भी आपत्ति प्रकट की थी और धार्मिक स्थानों पर ऐसे कृत्यों को गलत ठहराया था.
Source: IOCL





















