अयोध्या के राम मंदिर परिसर में नमाज वाले मामले पर आया इकबाल अंसारी का बयान, जानें क्या बोले?
Ayodhya News: अयोध्या में राम मंदिर परिसर में नमाज की कथित कोशिश पर विवाद गहरा गया है. बाबरी मस्जिद मामले के वादी इक़बाल अंसारी ने इसे गलत बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है.

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में कथित तौर पर एक कश्मीरी व्यक्ति द्वारा नमाज अदा करने की कोशिश का मामला सामने आया है. इस घटना पर बाबरी मस्जिद मामले के वादी इबाल अंसारी ने कड़ा ऐतराज जताया है. बता दें कि यह घटना 10 जनवरी सुबह उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित व्यक्ति को हिरासत में ले लिया.
इबाल अंसारी ने कहा कि सवाल अयोध्या का है, जो धर्म की नगरी है और जहां सभी धर्मों और जातियों की आस्था जुड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे सभी की अपनी मर्यादा है और उनका सम्मान होना चाहिए. अंसारी के अनुसार, उन्होंने भी यह सुना कि कोई बाहर से आया व्यक्ति राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश कर रहा था, जो पूरी तरह गलत है.
उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और यह मंदिर न्यायालय के फैसले के बाद बना है, जिसे पूरे देश के मुसलमानों ने स्वीकार किया है. इबाल अंसारी ने कहा कि उन्होंने खुद भी राम मंदिर के फैसले का सम्मान किया. उनके मुताबिक कुछ लोग जानबूझकर ऐसे कदम उठाते हैं, ताकि माहौल खराब किया जा सके और धार्मिक सौहार्द को नुकसान पहुंचे.
कानूनी कार्रवाई की मांग और माहौल बिगाड़ने का आरोप
इबाल अंसारी ने कहा कि ऐसे लोग सरफिरे हैं, जिन्हें न तो नमाज की अहमियत पता है और न ही उसकी जगह. उन्होंने कहा कि नमाज के लिए अयोध्या में मस्जिद मौजूद हैं, फिर भी मंदिर में जबरदस्ती नमाज पढ़ने की कोशिश करना गलत है. अंसारी ने सरकार से मांग की कि ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले.
उनका कहना है कि कुछ लोग केवल दाढ़ी और मूंछ रखकर धार्मिक भावनाएं भड़काने के इरादे से अयोध्या आते हैं और फिर चले जाते हैं. एएनआई को दिए बयान में इकबाल अंसारी ने साफ कहा कि इस तरह की हरकतें देश का माहौल खराब करने के लिए की जाती हैं. उन्होंने कहा कि इस घटना से सभी धर्मों के लोग आहत हैं और ऐसे कृत्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.
आरोपी के परिवार ने क्या कहा?
इस मामले में हिरासत में लिए गए व्यक्ति के परिवार ने बड़ा दावा किया है. परिवार के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के गडापोरा गांव का रहने वाला 55 वर्षीय अब्दुल अहद शेख मानसिक रूप से कमजोर है और अक्सर बिना बताए घर से निकल जाता है. परिवार का कहना है कि उसकी मंशा किसी की भावना आहत करने की नहीं थी.
उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार सुबह अब्दुल अहद शेख राम मंदिर परिसर पहुंचे थे और सीता रसोई के पास बैठकर नमाज की तैयारी कर रहे थे. वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत रोका और पुलिस को सूचना दी. सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और मामले की जांच की जा रही है.
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Source: IOCL
























