यूपी: अयोध्या में सूर्यग्रहण के दौरान सरयू तट पर जमा हुए संत और श्रद्धालु, जानें- क्यों बंद हैं मंदिरों के कपाट
अयोध्या में सूर्यग्रहण के चलते सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की साफ-सफाई और पूजा होगी उसके बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे.

अयोध्या. रामनगरी अयोध्या में सूर्यग्रहण के मौके पर सरयू के तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हैं. श्रद्धालु अपने आराध्य के नाम का जाप और धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं. शनिवार रात 10 बजकर 31 मिनट पर सूतक लगा जिसके बाद से मंदिरों के कपाट बंद हैं. मंदिरों के कपाट रविवार दोपहर 3 बजे के बाद ही खुलेंगे क्योंकि 2 बजकर 4 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो रहा है. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की साफ-सफाई और पूजा होगी उसके बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे.
मान्यता है कि ग्रहण काल में भगवान की आराधना करने से कई गुना फल प्राप्त होता है. भगवान पर आए संकट के वक्त उनके नाम का जाप, आदित्य स्त्रोत का पाठ और इसी तरीके के तमाम धार्मिक अनुष्ठान करते हुए भक्त भगवान की आराधना करते हैं. ग्रहण काल में की गई पूजा-पाठ का कई गुना धार्मिक लाभ भी मिलता है. इसी को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू के तट पर उपस्थित हैं और यहां पर पूजन-अर्चन कर रहे हैं. ग्रहण काल समाप्त होने के बाद संत और श्रद्धालु स्नान करेंगे उसके बाद मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन करेंगे.

सरयू के घाट पर बैठकर के जाप करने वाले संत ने बताया कि इस समय जो ग्रह है वह अमावस्या का सूर्य ग्रहण है और प्रत्यक्ष 5 देवता होते हैं जिसमें प्रधान सूर्य देवता होते हैं. ग्रहण काल में सूर्य के पर आए संकट की वजह से सरयू के तट पर भगवान की आराधना संत समाज और श्रद्धालु कर रहे हैं. संत समाज के लोग घाट के किनारे अनुष्ठान करते हुए भगवान से कोरोना महामारी के खत्म होने की कामना कर रहे हैं.
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