Ayodhya: 'कट्टरपंथी भाषा से होता है विवाद', मोहन भागवत के बयान का रामलला के पुजारी ने किया स्वागत
Mohan Bhagwat Statement: मोहन भागवत के बयान पर मुस्लिम नेताओं की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आ रही है और अब अयोध्या के साधू-संत ने भी इसको लेकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है.

UP News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने भारत के मुसलमानों को लेकर एक बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि भारत में मुस्लिमों को डरने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है लेकिन उन्हें अपनी श्रेष्ठता को लेकर बड़बोले बयानबाजी छोड़ देनी चाहिए. भावगत के इस बयान का अयोध्या के संत समाज ने स्वागत किया है. रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास (Satyendra Das) ने कहा है कि यहां पर मुसलमानों के डरने की जरूरत नहीं है. यह स्पष्ट है कि हिंदू और मुसलमानों के बीच में किसी प्रकार का विवाद होता है तो वह केवल कट्टरपंथी भाषा बोलने से होता है.
सत्येंद्र दास ने कहा, 'जो समस्याएं पैदा होती हैं, उससे देश में भी बिखराव होता है. दरार पैदा करने वाली भाषा बोलते हैं, विपरीत भाषा बोलते हैं उसमें संयम रखा जाए जिससे किसी भी प्रकार का कोई विवाद हिंदू-मुसलमान के बीच में ना हो. यहां पर मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है. अपनी श्रेष्ठता वह अपने नियंत्रण में रखें. यह स्पष्ट है कि हिंदू और मुसलमान के बीच में किसी भी प्रकार का विवाद होता है, वह कट्टरपंथी भाषा के कारण होती है. आपसी मित्रता-प्रेम में दरार पैदा हो जाती है.'
मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं - राजू दास
हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास ने कहा, 'संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सही कहा है कि मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है यह देश संविधान से चलता है और सनातन संस्कृति को मानने वाले हम सदैव सनातन वाले हैं. हम तो सभी को गले लगाकर के चलते हैं. सिर्फ इस्लाम को मानने वाले ही मुसलमान ही ऐसे हैं जो कट्टरपंथी हैं. मोहन भागवत जी ने सही कहा है कि उनको अपने आप को बड़े बता करके धौंस जमाने की बात को त्यागना पड़ेगा. उनको हिंदुस्तान में डरने की जरूरत नहीं है. हम साधू-संत मोहन भागवत जी के बयान के साथ हैं. मुसलमानों से आग्रह करेंगे, कट्टरपंथी मानसिकता का जो भाव है वह उनको त्यागना होगा.'
ये भी पढ़ें -
Mussoorie: मसूरी में अवैध निर्माण पर प्रशासन का एक्शन, दो ढांचों को MDDA ने किया सीज
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























