Ram Mandir News: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले तीन दिनों तक दर्शन की नहीं होगी अनुमति, जानें पूरा कार्यक्रम
Ayodhya News: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने वाली है. श्रद्धालुओं को भगवान का दर्शन चार पंक्तियों में कराया जाएगा. सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं.

UP News: अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले तीन दिनों तक भक्त आराध्य के दर्शन नहीं कर सकेंगे. मकर संक्रांति के बाद 22 जनवरी को रामलला भव्य मंदिर में विराजमान होंगे. 20 और 21 जनवरी को भगवान राम का दर्शन करने की अनुमति नहीं होगी. प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित लोगों को रामलला के दर्शन करने का मौका मिलेगा. 23 जनवरी से आम श्रद्धालु भव्य राम मंदिर में दर्शन कर सकेंगे. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद दोगुनी संख्या में श्रद्धालु पहंचनेवाले हैं.
प्राण प्रतिष्ठा से पहले का जान लें कार्यक्रम
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए चार पंक्तियों में दर्शन कराने की व्यवस्था की जाएगी. माना जा रहा है कि एक दिन में डेढ़ से ढाई लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने पहुंचेंगे. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि मकर संक्रांति के बाद राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी शुरू हो जाएगी. इस दौरान यज्ञ पूजन और अनुष्ठान के साथ कई वैदिक कार्यक्रम होंगे. रामलला की मूर्ति अस्थाई मंदिर से भव्य मंदिर में ले जाई जाएगी. इसलिए प्राण प्रतिष्ठा से पहले 20 और 21 जनवरी को रामलला का दर्शन करने की इजाजत नहीं मिलेगी.
तीन दिनों तक नहीं मिलेगा दर्शन का लाभ
उन्होंने बताया कि 22 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रित सदस्य के तौर पर रामलला के दर्शन करेंगे. दर्शन की अवधि पूर्व की तरह रहेगी. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए भव्य मंदिर में वर्तमान की दो कतारों के बजाय चार कतारों का प्रबंधन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में दर्शन की क्षमता डेढ़ लाख से ढाई लाख के बीच होगी. श्रद्धालुओं को चार पंक्तियों में दर्शन कराया जाएगा. संख्या बढ़ने पर श्रद्धालुओं को इंतजार भी करना पड़ सकता है. अभी परिक्रमा के बाद केवल दो पंक्तियों में दर्शन हो रहा है. श्रद्धालुओं की जांच और मंदिर की सुरक्षा में 23 जनवरी से काफी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. जांच में फिजिकल चेकिंग के बजाय तकनीक और आधुनिक यंत्रों का प्रयोग किया जाएगा. अनिल मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा से ट्रस्ट समझौता नहीं करेगा. आज के मानदंडों से ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था की संभावना है. राम मंदिर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट मिल कर काम कर रहे हैं.
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Source: IOCL

























