IPL फाइनल में चोरी हुआ ऑस्ट्रेलियाई युवक का फोन अलीगढ़ में मिला, पुलिस को कहा- थैंक्यू
Aligarh News In Hindi: पुलिस ने संज्ञान लेते हुए मोबाइल खोज निकाला, लेकिन जिस शख्स ने मोबाइल चुराया था, उसका पता नहीं चल सका है. पुलिस की मानें तो फोन एक दुकान पर कोई लॉक खुलवाने के लिए देकर गया था.

उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ पुलिस की सक्रियता से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कंटेंट क्रियेटर का आई-फोन बरामद हो गया. जिसके बाद क्रिएटर जैक जिकिंग्स ने अलीगढ़ पुलिस की तारीफ की है. जैक 31 मई को अहमदाबाद में आयोजित आईपीएल का फाइनल देखने आए थे. तभी नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में उनका मोबाइल चोरी हो गया था. लोकेशन के आधार पर उन्होंने अलीगढ़ पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी.
पुलिस ने संज्ञान लेते हुए मोबाइल खोज निकाला, लेकिन जिस शख्स ने मोबाइल चुराया था, उसका पता नहीं चल सका है. पुलिस की मानें तो ये आई फोन एक दुकान पर कोई लॉक खुलवाने के लिए देकर गया था. जबकि मोबाइल सही सलामत ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को सौंप दिया गया है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के चर्चित क्रिकेट कंटेंट क्रिएटर जैक जिकिंग्स का है जो भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का फाइनल मुकाबला देखने आए थे. 31 मई को अहमदाबाद स्थित विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट मैदान नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल मैच देखने के बाद जब वह स्टेडियम परिसर से बाहर निकले, तभी उनका महंगा आईफोन चोरी हो गया.
शुरू में उन्हें उम्मीद थी कि फोन जल्द मिल जाएगा, लेकिन जब काफी प्रयासों के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली तो उन्होंने तकनीक और सोशल मीडिया का सहारा लिया. जैक ने अपने फोन की लोकेशन ट्रैक करना शुरू किया. चोरी के अगले दिन यानी एक जून को फोन की लोकेशन राजस्थान के जयपुर-किशनगढ़ मार्ग पर दिखाई दी. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लोकेशन साझा करते हुए राजस्थान पुलिस से मदद की अपील की.
दो जून को अलीगढ़ में दिखी लोकेशन
हालांकि, उनके अनुसार उस समय कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी और फोन लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचता रहा.दो जून को अचानक मोबाइल फोन की लोकेशन उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में स्थित रोरावर थाना क्षेत्र के शाहजमाल इलाके में दिखाई दी. इसके बाद जैक जिकिंग्स ने फिर से सोशल मीडिया का सहारा लिया और इस बार उन्होंने सीधे अलीगढ़ पुलिस को टैग करते हुए मदद की गुहार लगाई. उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी.
एसएसपी नीरज जादौन ने लिया संज्ञान
अलीगढ़ कप्तान नीरज जादौन के आदेश पर अलीगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया. साइबर सेल और सर्विलांस टीम को मामले की जांच सौंपी गई. सर्विलांस प्रभारी अभिषेक गौतम के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की. पुलिस ने शाहजमाल क्षेत्र में मोबाइल की सटीक लोकेशन का पता लगाया और कुछ ही घंटों में एक मोबाइल मरम्मत की दुकान तक पहुंच गई.
लॉक खुलवाने आया था ज्ञात शख्स
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में दुकानदार ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति कुछ समय पहले मोबाइल का लॉक खुलवाने और उसकी मरम्मत कराने के लिए फोन देकर गया था. दुकानदार को यह जानकारी नहीं थी कि मोबाइल चोरी का है. इसके बाद पुलिस ने उस व्यक्ति से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका मोबाइल नंबर बंद मिला. पुलिस का मानना है कि यही व्यक्ति अहमदाबाद से मोबाइल चोरी कर अलीगढ़ लेकर आया था और पहचान छिपाने के लिए मोबाइल का लॉक खुलवाने का प्रयास कर रहा था.
हालांकि मुख्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे चोरी कांड की परतें खुल सकेंगी और यह भी स्पष्ट होगा कि मोबाइल चोरी के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था या यह एक अकेले व्यक्ति की करतूत थी.
इस मामले में अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। सर्विलांस टीम ने तकनीकी सहायता से मोबाइल को ट्रेस किया और सफलतापूर्वक बरामद कर लिया. उन्होंने कहा कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
जैक ने अलीगढ़ पुलिस को बोला थैंक्यू
मोबाइल बरामद होने के बाद सबसे भावुक क्षण तब सामने आया जब जैक जिकिंग्स ने सोशल मीडिया पर अलीगढ़ पुलिस का धन्यवाद किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनके लिए यह फोन सिर्फ एक महंगा गैजेट नहीं था, बल्कि भावनाओं से जुड़ी एक अनमोल धरोहर था. उन्होंने बताया कि फोन में उनके दिवंगत दादा की कई दुर्लभ और निजी तस्वीरें सुरक्षित थीं। यही कारण था कि फोन खोने के बाद वह बेहद परेशान थे.
जैक ने अपनी पोस्ट में लिखा, "थैंक यू अलीगढ़ पुलिस. आपने सिर्फ मेरा फोन नहीं लौटाया, बल्कि मेरे दादा की यादें भी मुझे वापस दिला दीं." उन्होंने कहा कि उन तस्वीरों का वापस मिलना उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशियों में से एक है. सोशल मीडिया पर उनकी यह भावुक प्रतिक्रिया हजारों लोगों ने साझा की और अलीगढ़ पुलिस की प्रशंसा की.
























