यूपी में महिला BLO के पति से मारपीट, बीजेपी जिलाध्यक्ष ने मीटिंग में बुलाकर की अभद्रता
UP News: अमेठी जनपद के ठेंगहा गांव निवासी BLO सुभद्रा मौर्य के पति राकेश मौर्य ने एसडीएम को बताया कि बीजेपी जिलाध्यक्ष ने बीएलओ को बुलाया और पब्लिक के बीच में उसे बेज्जत कर उसके पति से मारपीट भी की.

उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद और तहसील क्षेत्र अंतर्गत संग्रामपुर ब्लॉक के ठेंगहा गांव निवासी BLO सुभद्रा मौर्य के पति राकेश मौर्य ने एसडीएम अमेठी को प्रार्थना पत्र देते हुए लिखा कि वह ग्राम सभा का निवासी है और उसकी पत्नी बीएलओ है. ठेंगहा गांव में बीजेपी जिलाध्यक्ष, बीएलओ को बुलाया था और पब्लिक के बीच में बीएलओ को बेज्जत किया गया. वहीं पर बीएलओ के पति से मारपीट भी की गई और उसी दौरान उसकी वीडियो बनाई जा रही थी .
तभी पीड़ित का मोबाइल छीन लिया गया, इसके बाद से पीड़ित बहुत परेशान है. पीड़ित की पत्नी जो बीएलओ है वह भी मानसिक रूप से परेशान है. जिलाध्यक्ष और उनके साथी, उन्हें डरा धमका रहे हैं. अतः प्रार्थी ने निवेदन किया कि न्याय दिलाया जाए और उपरोक्त के विरुद्ध विधि कार्यवाही भी की जाए.
क्या बोले बीएलओ के पति और कांग्रेस पार्टी के जिला सचिव?
जब प्रार्थना पत्र देने वाले कांग्रेस पार्टी के जिला सचिव राकेश मौर्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज ठेंगहा ग्राम सभा में बीजेपी जिला अध्यक्ष के साथ पूरी टीम आई हुई थी और एक मीटिंग थी. उस मीटिंग में सरकारी बीएलओ को जबरदस्ती बुलाया गया था. जिसकी जानकारी मुझे बाद में मिली. मैं अपनी पत्नी को लेकर अमेठी तहसील जा रहा था. रास्ते में यह फोन आया कि आपको मीटिंग में बुलाया जा रहा है. ठेंगहा में तीन बीएलओ है जिसमें से दो वहां पहुंचे हुए थे. जिसमें से मेरी पत्नी नहीं गई थी. इसके बाद हम अपनी पत्नी को लेकर वहां पर पहुंचे. जब हम पहुंचे तो वहां पर मीटिंग खत्म हो गई थी.
जो अन्य दो बीएलओ थी, उनसे मैंने पूछा कि आपके पास कहीं लिखा पढ़ी में है कि पार्टी की मीटिंग में क्यों आंए? आप पार्टी की बीएलओ है या सरकार की? उन लोगों ने कहा कि हम सरकार की ओर से हैं. तब मैंने पूछा कि यहां पर आने की क्या जरूरत थी? इतने में कुछ लोग दौड़ते हुए आए और हाथापाई करने लगे. हाथापाई के दौरान जब मैं मोबाइल से वीडियो बनाने का प्रयास किया तो इस दौरान उन लोगों ने मेरा मोबाइल छीन लिया.
उसके बाद वह लोग मारपीट करने लगे. वह सब बीजेपी के ही लोग थे. मैं बीजेपी से जुड़ा नहीं हूं इसलिए मैं किसी भी पदाधिकारी का नाम नहीं जानता हूं. यह जानकारी मिली कि बीजेपी जिलाध्यक्ष के लोग वहां पर थे. मैं बीजेपी जिला अध्यक्ष को जानता भी हूं और पहचानता भी हूं. मगर मारपीट के समय मौके पर बीजेपी जिलाध्यक्ष वहां नहीं थे. लेकिन वह थोड़ी दूर पर मौजूद थे. बीजेपी जिलाध्यक्ष को जानकारी थी तभी उन्होंने उन लोगों को मेरे पास भेजा है.
बीजेपी जिलाध्यक्ष स्वयं नहीं आए थे वहां पर उन्हीं के लोग थे. बिना घर के मुखिया के इशारे पर कोई कार्य नहीं होता है. उन लोगों ने जानबूझकर भेजा था और मेरे साथ ऐसा किया है. उसमें गांव के कुछ अराजक तत्व शामिल होकर इस बात को बढ़ा दिए थे.
'महिला से अभद्रता करने का मुकदमा दर्ज किया जाए'- अखिलेश यादव
बीएलओ सुभद्रा मौर्य ने बताया कि जो मारने दौड़े थे जब उन्होंने हमारे पति का कॉलर पकड़ लिया तो मैंने भी उनका कॉलर पकड़ लिया. भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला मारपीट में मौजूद नहीं थे. वह गांव के ही करुणेश मिश्रा के घर में बैठे थे. एक आदमी ने जाकर बताया कि राकेश मौर्या गाली दे रहे हैं . जबकि वह गाली नहीं दे रहे थे तभी वहां से चार-पांच लड़के आए और मारपीट करने लगे. जब यह वीडियो बनाने लगे तब वह लोग इनका मोबाइल लेकर भाग गए.
बीएलओ के पति राकेश मौर्या द्वारा दिया गया प्रार्थना पत्र जब वायरल होने लगा तब इस मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ये एक बेहद गंभीर मामला है कि अमेठी बीजेपी जिला अध्यक्ष ने एक BLO से मारपीट करी. उन्होंने महिला BLO पर जबरन PDA समाज का वोट कटवाने व बीजेपी समर्थकों का वोट बढ़वाने का दबाव डाला, उनके मन मुताबिक काम न करने पर महिला BLO को अपमानित करा और घटना का वीडियो बनाते उस महिला BLO के पति का मोबाइल छीन लिया. इस संदर्भ में सरकारी काम में बाधा डालने, महिला से अभद्रता करने, मोबाइल छीनने और हिसंक भाषा-व्यवहार इत्यादि का मुकदमा दर्ज किया जाए.
इसी के साथ समाजवादी पार्टी के आधिकारिक एक हैंडल से कुछ वीडियो और प्रार्थना पत्र डालते हुए लिखा गया है कि अमेठी के बीजेपी जिलाध्यक्ष ने मौर्य समाज की महिला BLO को गाली दी, मारपीट की और महिला और उसके पति के साथ अभद्रता की. बीजेपी जिलाध्यक्ष ने BLO का मोबाइल छीनकर जबरन फार्म 7 भरकर ऐप के माध्यम से वोट काटने का प्रयास किया और विरोध करने कर महिला BLO को अपमानित किया.
यूपी में यह किस प्रकार का SIR हो रहा है ये चुनाव आयोग बताए? शिकायत करने पर कार्यवाही नहीं होती, फॉर्म 7 के माध्यम से जबरन PDA समाज के वोट काटे जा रहे हैं, शिकायत करने पर शिकायत का संज्ञान नहीं लिया जा रहा, कोई शर्म है चुनाव आयोग के उच्चाधिकारियों को?
अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने एक्स के माध्यम से उठाए सवाल
अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अमेठी में एक महिला बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के साथ हुई घटना को गंभीर बताते हुए इसे लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और संविधान पर सुनियोजित हमला करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक महिला कर्मी के साथ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि मतदाता सूची में हेरफेर की एक गहरी साजिश की ओर इशारा करती है.
सांसद ने लिखा कि बीएलओ पर जबरन फॉर्म-7 थमाकर विशेष वर्ग के मतदाताओं के नाम कटवाने का दबाव बनाया गया. मनमुताबिक काम न करने पर अपमान, मारपीट, वीडियो बनाना और मोबाइल छीनने जैसी घटनाएं सामने आईं, जो यह साबित करती हैं कि मतदाता सूची से नाम हटाने का एक संगठित षड्यंत्र चल रहा है. उन्होंने इस कृत्य को बेहद गंभीर और आपराधिक बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की. किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि यह कोई एकल घटना नहीं है. जनपद के कई बूथों पर लगातार बीएलओ को डराने-धमकाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसकी जानकारी पूर्व में भी जिला प्रशासन को दी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई न होना प्रशासनिक चुप्पी और संरक्षण पर सवाल खड़े करता है.
सांसद ने स्पष्ट किया कि बीएलओ जैसे संवैधानिक दायित्व निभाने वाले कर्मियों पर दबाव बनाना सीधे तौर पर निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है. उन्होंने चुनाव आयोग, जिला प्रशासन और सरकार से तत्काल संज्ञान लेने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, महिला से अभद्रता, मोबाइल छीनने और दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोपों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की.
अंत में सांसद ने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. संविधान, निष्पक्ष चुनाव और मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर संवैधानिक और लोकतांत्रिक कदम उठाएगी.
झूठी अफवाह फैलाने के जुर्म में सपा के नेताओं पर कार्रवाई हो- राकेश प्रताप सिंह
इस मामले पर अमेठी जनपद मुख्यालय गौरीगंज विधानसभा के विधायक राकेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव के एक्स का जवाब देते हुए लिखा है कि बिना सत्य जाने झूठी अफवाह फैलाने के जुर्म में सबसे पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं पर चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए. आज जनपद अमेठी के बीजेपी जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला जी को लेकर जो ट्वीट समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ने किया है, वह पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद है.
अखिलेश यादव ने जिस बीएलओ और उसके पति का जिक्र कर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है, असलियत यह है कि बीएलओ का पति राकेश मौर्य कांग्रेस का पदाधिकारी है और वह कांग्रेस और सपा के इशारे पर अपनी बीएलओ पत्नी के अधिकारों का प्रयोग कर गलत तरीके से मतदाताओं का वोट काटने और नए मतदाताओं का नाम न जोड़ने का कार्य कर रहा था.
'ये कांग्रेस का राज नहीं, जहां मनमाने ढंग से वोटों की लूट होगी'
असलियत तो यह है कि पत्नी बीएलओ थी, तो पति उसके अधिकारों का दुरुपयोग क्यों कर रहा था? जब इसी बात का पर्दाफाश आदरणीय जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला जी के द्वारा किया गया तो वह अपनी गलती छिपाने के लिए जिलाध्यक्ष जी पर ही आरोप लगाने लगा. सपा अपनी चाल का पर्दाफाश होते देख उल्टा ज्ञान बांटने का कार्य कर रही है. चुनाव आयोग से हमारा आग्रह है कि चुनाव आयोग की छवि धूमिल करने के आरोप में अखिलेश यादव जी सहित समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं पर कड़ी कार्रवाई करें. ये कांग्रेस का राज नहीं जहां पर मनमाने ढंग से वोटों की लूट होती थी.
वहीं पर इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला का कहना है कि और राकेश मौर्य के द्वारा लगाए गए सारे आप बेबुनियाद है. वह जहां की बात कर रहे हैं वहां से मैं दूर एक घर में भोजन कर रहा था. यह सब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के द्वारा झूठा नॉरेटिव सेट करने का कार्य किया जा रहा है.
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Source: IOCL



























