CAA Protest: यूपी पुलिस की रवैये से देश की छवि हुई खराब, हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएए का विरोध करने के दौरान पुलिस की बर्बरता और लाठीचार्ज के आरोपों पर योगी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

प्रयागराज, एबीपी गंगा। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में यूपी के कई शहरों में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए यूपी सरकार को नोटिस जारी कर उससे जवाब-तलब किया है। अदालत ने यूपी सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का वक्त देते हुए अगली सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तारीख तय की है।
मुम्बई के एक वकील के ई-मेल पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस मामले में सीनियर एडवोकेट फरमान नकवी और एडवोकेट रमेश यादव को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। अदालत ने ई-मेल से भेजी गई शिकायत को पीआईएल यानी जनहित याचिका में तब्दील करते हुए इस पर सुनवाई करने का फैसला किया है। यूपी के शहरों में सीएए के विरोध के दौरान हुई हिंसा के मामलों को लेकर दाखिल दूसरी सभी अर्जियों पर सुनवाई अब इसी मामले के साथ 16 जनवरी को होगी। सभी अर्जियों पर सुनवाई एक साथ ही की जाएगी।
हाईकोर्ट से नोटिस जारी होने से यूपी सरकार को बड़ा झटका लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि अदालत ने सरकार से खासकर इस बात पर जवाब देने को कहा है कि आखिरकार पुलिस को कई जगह लाठियां चलाने और फायरिंग करने की नौबत क्यों आई। मुम्बई हाईकोर्ट के वकील अजय कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर को कई अंग्रेजी अखबारों में छपी खबरों-तस्वीरों व रिपोर्ट के साथ एक शिकायती चिट्ठी ई-मेल के जरिये भेजकर उनसे उचित कार्रवाई किये जाने की मांग की थी। ई-मेल में कहा गया था कि मीडिया में जो रिपोर्ट आईं हैं, उनके आधार पर कहा जा सकता है कि इंटरनेशनल लेवल पर यूपी की छवि धूमिल हो रही है जो चिंता की बात है।
चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर ने इस ई-मेल को पीआईएल मानते हुए इस पर यूपी सरकार को नोटिस जारी किया। यूपी सरकार की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल एके गोयल ने नोटिस रिसीव किया। अदालत ने यूपी सरकार को हर पहलू पर एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।

अदालत की तरफ से एमिकस क्यूरी नियुक्त किये गए सीनियर एडवोकेट फरमान नकवी व रमेश यादव ने भी तमाम मीडिया रिपोर्टस कोर्ट के सामने रखीं और कहा कि पुलिस के गलत रवैये की वजह से कई जगह हालात खराब हुए और पुलिस ने बर्बरतापूर्वक कार्रवाई की। एमिकस क्यूरी ने मुजफ्फरनगर के मदरसे में बच्चों की पिटाई के मामले को भी उठाया। अदालत ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि यह हालात कतई ठीक नहीं थे।
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Source: IOCL

























