अलीगढ़ में आजाद समाज पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर एक्शन, अभद्र नारेबाजी के आरोप में FIR
Aligarh News In Hindi: घंटाघर पर लगाए गए पोस्टर फाड़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई. हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने और विरोध प्रदर्शन के दौरान योगी मोदी का नाम लेकर अभद्र नारेबाजी करने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कुछ पदाधिकारियों और समर्थकों द्वारा शहर के घंटाघर क्षेत्र में किए गए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है.
प्रदर्शन के दौरान सीएम योगी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और अपशब्दों वाली नारेबाजी किए जाने के आरोप सामने आए हैं. इसके अलावा घंटाघर पर लगाए गए पोस्टर फाड़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई.
सीसीटीवी से की जाएगी उपद्रवियों की पहचान
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन थाना क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. अब वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी.
प्रदर्शन के दौरान किया था हंगामा
आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर घंटाघर पर प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किए जाने का आरोप लगा.
पोस्टर फाड़ने के वीडियो वायरल
मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग घंटाघर पर लगे पोस्टर फाड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं.वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी सत्यता की जांच शुरू की और संबंधित फुटेज को अपने कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया तेज कर दी.
उपद्रवियों पर होगी सख्ती
पुलिस का मानना है कि वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से प्रदर्शन में शामिल उपद्रवियों की पहचान करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी. क्षेत्राधिकारी सर्वंम सिंह के द्वारा बताया गया पूरे घटनाक्रम का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है. प्रदर्शन के दौरान मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है. जो लोग केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल थे और जिन्होंने किसी प्रकार की कानून व्यवस्था नहीं बिगाड़ी, उनके साथ अलग तरीके से व्यवहार किया जाएगा. वहीं जिन लोगों ने कथित रूप से भड़काऊ नारे लगाए, पोस्टर फाड़े या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित किया, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस की टीमें वायरल वीडियो के अलावा आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही हैं. इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान मौजूद पुलिस कर्मियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके.























