अलीगढ़ में CM योगी ने पूरा किया वादा, इन सुविधाओं से लैस होगा DDU अस्पताल का ट्रामा सेंटर
UP News: पंडित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर बनाने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं. सीएम योगी ने बीते दिनों अलीगढ़ में इसकी घोषणा की थी.

Aligarh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों अलीगढ़ में जनसभा के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त अस्पताल को आधुनिक करने की बात कही थी. योगी आदित्यनाथ का बयान जमीनी पटल पर साकार होता हुआ नजर आ रहा है. अब दीनदयाल अस्पताल में आधुनिक तकनीक से लैस ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है. इस निर्माण कार्य के पूरा हो जाने के बाद हर दिन करीब 20 हजार मरीज अपना उपचार करा सकेंगे. इसको लेकर अलीगढ़ के पंडित दीनदयाल अस्पताल के डॉक्टर के द्वारा भी खुशी जाहिर की है.
पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में 100 बेड का अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर बनाया जा रहा है. यह ट्रॉमा सेंटर गंभीर मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगा. अब तक 40% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और उम्मीद है कि दिसंबर 2025 तक इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा.यह ट्रॉमा सेंटर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अत्यधिक लाभकारी होगा क्योंकि मरीजों को मुफ्त इलाज मिलेगा. हालांकि, कुछ जांचों के लिए शुल्क निर्धारित किए जाएंगे, लेकिन यह अन्य निजी अस्पतालों की तुलना में बहुत कम होगा.
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महेंद्र कुमार माथुर (CMS) ने बताया कि यह ट्रॉमा सेंटर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को काफी राहत मिलेगी. जिला मुख्यालय में एक सरकारी ट्रॉमा सेंटर की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी. अब तक गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया जाता था. वहाँ सीमित वेंटिलेटर और संसाधनों की वजह से मरीजों को कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. डीडीयू अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर बनने के बाद मरीजों को दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ेगा.
निर्माण कार्य जोरों पर, 125 मजदूर कर रहे हैं कार्य
ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है. 125 मजदूर लगातार काम कर रहे हैं, और अब तक 40% कार्य पूरा हो चुका है. निर्माण सुपरवाइजर जयप्रकाश ने बताया कि जब से निर्माण कार्य शुरू हुआ है, एक भी दिन काम नहीं रुका है. इसी वजह से यह उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर 2025 तक ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह तैयार हो जाएगा. निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है. इसका उद्देश्य एक मजबूत और आधुनिक चिकित्सा केंद्र तैयार करना है, जो गंभीर रूप से घायल मरीजों को जीवनरक्षक सुविधाएं प्रदान कर सके.
क्या होंगी सुविधाएँ?
यह ट्रॉमा सेंटर आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों से लैस होगा. यहाँ मरीजों को बेहतर, त्वरित और आपातकालीन इलाज मिल सकेगा.
सामान्य सर्जन
एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी विशेषज्ञ)
ऑर्थोपेडिक सर्जन (हड्डी रोग विशेषज्ञ)
न्यूरो सर्जन (मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र विशेषज्ञ)
अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ
आवश्यक पैरामेडिकल और सहयोगी स्टाफ
आधुनिक उपकरण और मशीनें
ट्रॉमा सेंटर में निम्नलिखित अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध होंगे:
एक्स-रे मशीन
थ्रीडी अल्ट्रासाउंड मशीन
सीटी स्कैन मशीन
ओटी सीलिंग लाइट (ऑपरेशन थिएटर के लिए विशेष लाइट)
पैरामॉनिटर के साथ एनेस्थिसिया मशीन
वेंटिलेटर और ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर
एबीजी मशीन (रक्त जांच के लिए)
डेफिब्रिलेटर मॉनिटर (हृदय गति नियंत्रित करने के लिए)
पावर ड्रिल और अन्य आवश्यक जांच मशीनें
इन सुविधाओं की मदद से गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकेगी और उन्हें बेहतर इलाज के लिए अन्य शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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