बंगाल में ममता बनर्जी के लिए सपा चीफ ने क्यों नहीं किया प्रचार? अखिलेश यादव के करीबी ने बताई वजह
UP Politics: बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया ने खुलकर ममता बनर्जी का समर्थन किया था, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान वो जमीन पर उनके साथ नहीं दिखे, इसके पीछे एक बड़ी वजह थी.

बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने खुलकर समर्थन दिया था. सोशल मीडिया पर भी वो लगातार टीएमसी की जीत के दावे करते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद माना जा रहा है कि अखिलेश यादव ज़मीन पर भी उनके लिए ज़ोरदार प्रचार करते दिखाई देंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके पीछे क्या वजह रही इसका खुलासा सपा मुखिया के बेहद करीबी नेता ने किया है.
ममता बनर्जी के बेहद करीबी होने के बावजूद इस बार बंगाल चुनाव में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव जमीनी स्तर पर उनके साथ खड़े नहीं दिखे और नहीं ही अक्रामक प्रचार किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी टीम चुनाव में लगा रखी थी. सपा नेता किरणमय नंदा ने अब इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह बताई है.
ममता बनर्जी से 'दूर' क्यों रहे अखिलेश?
हिन्दुस्तान टाइम्स न्यूजपेपर से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अखिलेश यादव के करीबी किरणमय नंदा ने बंगाल में टीएमसी से सपा मुखिया की 'दूरी' की वह बताई है. उन्होंने कहा कि हमने पहले ही अखिलेश यादव को सूचित कर दिया था कि टीएमसी ये चुनाव हार जाएगी. इसी वजह से सपा मुखिया ने ख़ुद को बंगाल में चुनाव प्रचार से दूर रखा.
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सपा नेता ने किया बड़ा दावा
किरणमय नंदा ने दावा किया कि टीएमसी अपने भ्रष्टाचार की वजह से हारी है. ये लोगों का चुनाव था, उन्होंने पहले ही तृणमूल कांग्रेस को हराने का फैसला ले लिया था. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ गंभीर भ्रष्टाचार और अत्याचार के आरोप हैं. लोग विकास और भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार चाहते हैं.
सपा नेता ने कहा कि अखिलेश यादव के खिलाफ अब तक कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है. साल 2012 से 2017 तक सपा की सरकार रही लेकिन, हमारे खिलाफ कोई भी उंगली नहीं उठाई गई. हम विकास पर ध्यान केंद्रित करते रहे. नंदा ने कहा कि यूपी में सपा दस साल से सरकार में नहीं है. हर राज्य के अपने मुद्दे हैं, सपा का लक्ष्य राज्य से बीजेपी की सत्ता को उखाड़ फेंकना है.
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