Rajasthan: सिरोही में महिला हेड कॉस्टेबल की दादागिरी, सड़क पर कार खड़ी कर लगाया जाम
Rajasthan News: पिण्डवाड़ा में महिला हेड कॉस्टेबल ने सड़क पर निजी कार खड़ी करने से जाम लग गया. हॉर्न बजाने पर बस चालक से विवाद के बाद धमकाया.

सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा कस्बे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक महिला हेड कॉस्टेबल पर दादागिरी और यातायात नियमों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं. इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम लोगों में नाराजगी भी साफ दिखाई दे रही है.
पिण्डवाड़ा सिटी की मुख्य सड़क पर यातायात व्यवस्था संभालने वाली महिला हेड कॉस्टेबल सुमन राठौड़ ने अपनी निजी कार सड़क पर इस तरह खड़ी कर दी कि कुछ ही देर में जाम की स्थिति बन गई.
बताया जा रहा है कि कार खड़ी कर वह सामने की एक दुकान में खरीदारी करने चली गईं. इस दौरान पीछे से आ रहे वाहन फंसते चले गए और लंबी कतार लग गई.
हॉर्न बजाने पर बढ़ा विवाद
जब जाम में फंसे बस चालक और अन्य वाहन चालकों ने लगातार हॉर्न बजाकर रास्ता खाली करने की गुहार लगाई तो मामला और बिगड़ गया. आरोप है कि बस चालक के गाड़ी हटाने को कहने पर महिला हेड कॉस्टेबल भड़क उठीं. उसने बस चालक से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया.
खुद नियम तोड़े, दूसरों को कानून का पाठ
इस पूरे मामले ने लोगों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. आम जनता का कहना है कि जब पुलिसकर्मी ही यातायात नियमों की अनदेखी करेंगे, तो आम आदमी से नियम पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है. यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि महिला हेड कॉस्टेबल की निजी कार पर ब्लैक फिल्म लगी हुई थी, जो खुद यातायात नियमों का उल्लंघन है.
बताया जा रहा है कि जाम में फंसे बस चालक ने पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया गया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया. वीडियो वायरल होते ही पिण्डवाड़ा सहित पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई आम नागरिक इस तरह सड़क पर वाहन खड़ा करता, तो पुलिस तुरंत चालान काट देती. लेकिन यहां खुद वर्दी में बैठी पुलिसकर्मी पर नियम तोड़ने का आरोप है. लोग सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या वर्दी पहन लेने से कोई कानून से ऊपर हो जाता है.
फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद लोग पुलिस अधीक्षक से मामले में संज्ञान लेने की मांग कर रहे हैं. अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्या आम जनता को यह भरोसा मिल पाएगा कि कानून सबके लिए एक समान है.
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Source: IOCL





















