'शाहपुरा जिला बचाओ' आंदोलन पर सियासत तेज, विधायक लालाराम बैरवा के बयान पर लहराए गए काले झंडे
Rajasthan News: भीलवाड़ा में शाहपुरा विधानसभा मुख्यालय को जिला दर्जा दिया गया था, पर इसे हटा दिया गया. इस पर जिला बचाओ संघर्ष समिति पिछले 20 दिन से प्रदर्शन कर रही है.

Bhilwara News: राजस्थान प्रदेश में भीलवाड़ा जिले में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट शाहपुरा विधानसभा मुख्यालय को पूर्व कांग्रेस अशोक गहलोत सरकार द्वारा जिले का दर्जा दिया गया, लेकिन वर्तमान भजन लाल बीजेपी सरकार द्वारा पुनः जिले का दर्जा छीन लेने के साथ ही जिला बचाओ संघर्ष समिति द्वारा विगत 20 दिनों से धरना प्रदर्शन किया जा रहा हैं. वहीं, प्रतिदिन सामाजिक धार्मिक संगठनों द्वारा रैली और प्रदर्शन कर समर्थन प्रदान किया जा रहा है.
बीजेपी से निर्वाचित विधायक लाला राम बैरवा ने आंदोलन को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है. इसके बाद विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं द्वारा सरकार और प्रशासन के खिलाफ काले झंडे लहराए गए, जिससे गहमागहमी हो गई. शाहपुरा जिला बचाओ आंदोलन के 20वें दिन विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र की जनता से संवाद किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में आंदोलन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की और शाहपुरा के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
घर्ष समिति कर रही है आंदोलन
डॉ. बैरवा ने बताया कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर वह इन दिनों दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रवासी प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. हालांकि, दो दिन के प्रवास के दौरान उन्होंने शाहपुरा आकर आंदोलन से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों से बात करने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ जिलों को हटाने के फैसले के तहत शाहपुरा जिला हटाने पर शाहपुरा जिला बचाओ संघर्ष समिति आंदोलन कर रही है, और यह दुखद है.
'जनता के दुख से मैं भी आहत हूं'
विधायक ने कहा कि शाहपुरा जिला हटाने का निर्णय उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी बहुत आहत कर रहा है. उन्होंने इस मुद्दे पर पूर्व में पुलिस कार्रवाई और मुकदमों का सामना करते हुए संघर्ष किया है. उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी प्राथमिकता जनता की आवाज बनकर उनके साथ खड़े रहना है.
डॉ. बैरवा ने कहा कि वह संघर्ष समिति और जनता के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर शाहपुरा की भावनाओं को मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से रखने को तैयार हैं. उन्होंने जनता से अपील की कि आंदोलन को सही दिशा में ले जाएं और इसे व्यक्तिगत छींटाकशी या राजनीति का माध्यम न बनाएं.
'शाहपुरा के विकास के लिए प्रतिबद्ध'
विधायक ने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शाहपुरा को बजट में जो सौगातें दी गई हैं, वे ऐतिहासिक हैं. आने वाले चार सालों में शाहपुरा को एक विकसित और औद्योगिक रूप से सशक्त क्षेत्र बनाने का लक्ष्य है. उन्होंने जनता और संघर्ष समिति से आह्वान किया कि जिले के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एकजुट होकर काम करें. उन्होंने कहा कि शाहपुरा के विकास, प्रशासनिक संरचना और औद्योगिक प्रगति के लिए समर्पित प्रयासों की जरूरत है.
'मुख्यमंत्री से जल्द होगी मुलाकात'
डॉ. बैरवा ने अपने संदेश में कहा कि उनकी अनुपस्थिति को लेकर किए जा रहे नकारात्मक प्रचार गलत हैं. वह पहले भी शाहपुरा के पक्ष में खड़े थे और आज भी खड़े हैं. उन्होंने जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शाहपुरा की मांग पर पुनर्विचार कराने का आश्वासन दिया.
विधायक ने शाहपुरा की जनता से अपील की कि वह व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से बचें और जिले के लक्ष्य को लेकर सामूहिक रूप से आगे बढ़ें.
राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि शाहपुरा के विकास और जिले की पुनः स्थापना के लिए एकजुट होकर काम करने का है. शाहपुरा जिला समाप्त करने के विरोध में चल रहे आंदोलन का आज 20वां दिन था. जिला बचाओ संघर्ष समिति और अभिभाषक संस्था के तत्वावधान में कहार समाज ने बुधवार को 4 किलोमीटर लंबी आक्रोश रैली निकालकर एसडीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शाहपुरा जिला बनाए रखने की मांग की.
आंदोलन के दौरान झड़प
रैली के दौरान प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई. थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को काले झंडे दिखाने और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने से रोकने की कोशिश की, जिससे अधिवक्ता नाराज हो गए. अधिवक्ताओं ने इसे जनता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन बताया. करीब दस मिनट तक चली झड़प के बाद मामला शांत हुआ.
आंदोलन को व्यापक समर्थन
शाहपुरा जिला बचाओ आंदोलन को मुस्लिम समाज व विभिन्न समाजों और संगठनों का समर्थन मिल रहा है. कहार समाज की इस सक्रिय भागीदारी ने आंदोलन को और मजबूती प्रदान की है. संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक शाहपुरा को पुनः जिला नहीं घोषित किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा.
साथ ही आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज करने की संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा. शाहपुरा की जनता अब एकजुट होकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तैयार है.
भीलवाड़ा से सुरेंद्र सागर की रिपोर्ट.
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