राजस्थान विधानसभा को फिर बम से उड़ाने की धमकी, अशोक गहलोत ने सरकार पर साधा निशाना
Rajasthan Vidhansabha Bomb Threat: राजस्थान विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। पुलिस और एटीएस की घंटों चली जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और मामला अफवाह निकला.

राजस्थान में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं, जब आज सुबह राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली. विधानसभा के आधिकारिक ईमेल पर एक मैसेज भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि दोपहर करीब एक बजे इमारत को उड़ा दिया जाएगा. मैसेज में यह भी कहा गया कि दिल्ली विधानसभा को भी निशाना बनाया जाएगा. इस सूचना के सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया.
धमकी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बिना देर किए पूरे विधानसभा परिसर को खाली करा दिया. अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला गया ताकि किसी तरह का खतरा न रहे.
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राजस्थान पुलिस और एटीएस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया. कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन में हर कोने की जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या बम नहीं मिला. इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली और इसे अफवाह बताया.
धमकी में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का दावा
धमकी भरे ईमेल में कुछ गंभीर और चौंकाने वाले दावे भी किए गए थे. इसमें लिखा गया था कि दिल्ली विधानसभा में साइनाइड गैस बम लगाया गया है, जबकि राजस्थान में रखा गया बम सेंसर के जरिए ब्लास्ट किया जाएगा. ईमेल में LTTE और ISI जैसे नामों का भी जिक्र किया गया, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर लगने लगा. हालांकि जांच में यह सब झूठा निकला.
10 दिन में दूसरी बार मिली धमकी
यह कोई पहली घटना नहीं है. पिछले 10 दिनों में दूसरी बार राजस्थान विधानसभा को इस तरह की धमकी मिली है. हालांकि दोनों ही बार कोई खतरा नहीं मिला, लेकिन लगातार मिल रही ऐसी धमकियां प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं. सवाल उठ रहा है कि आखिर ये धमकी देने वाले लोग कौन हैं और अब तक पकड़े क्यों नहीं जा सके.
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं. गहलोत के मुताबिक, जब विधानसभा, हाईकोर्ट और कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील स्थान सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है.
सरकार पर कार्रवाई का दबाव
गहलोत ने मांग की कि मुख्यमंत्री को खुद इस मामले में दखल देना चाहिए और पुलिस को सख्त निर्देश देने चाहिए. उन्होंने कहा कि जो भी लोग इन धमकियों के पीछे हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए ताकि जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा फिर से कायम हो सके.
Source: IOCL
























