राजस्थान की राजनीति में 1998 का 'खेल' फिर सुर्खियों में, मंत्री जोगाराम पटेल ने की जांच की मांग
Rajasthan News: राजस्थान में 1998 के राजनीतिक विवाद पर मंत्री पटेल ने जांच की मांग की. उन्होंने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति का आरोप लगाया. साथ ही निष्पक्ष जांच की बात कही.

राजस्थान की सियासत में एक बार फिर 1998 के चर्चित राजनीतिक घटनाक्रम ने हलचल मचा दी है. राजस्थान सरकार के संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने बुधवार (23 जुलाई) को जोधपुर प्रवास के दौरान इस मामले की विस्तृत जांच की मांग की.
मामला एक पूर्व मंत्री व 5 बार विधायक सुरेंद्र व्यास से लिखी गई किताब से जुड़ा है, जिसमें दावा किया गया है कि 1998 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को विधायक बनाने के लिए सरदारपुरा के तत्कालीन विधायक मानसिंह देवड़ा पर सीट छोड़ने का दबाव बनाया गया था.
यह मामला पूरे राजनीतिक सिस्टम की साख से जुड़ा है - मंत्री पटेल
यह भी आरोप है कि देवड़ा ने सीट छोड़ने की शर्त के रूप में अपने खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मामले को खत्म करने की बात रखी थी. मंत्री पटेल ने कहा, "यदि किताब में जो लिखा गया है, वह तथ्यात्मक है, तो पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत को इसका खंडन करना चाहिए या सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि आज तक न तो खंडन आया है और न ही कोई जवाब. यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक सिस्टम की साख से जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
कांग्रेस केवल नकारात्मक राजनीति कर रही है - मंत्री पटेल
मंत्री पटेल ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ फोन टेपिंग मामले का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि यह भी एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा था, जिससे उनकी छवि को धूमिल किया गया. पटेल ने दावा किया कि अब वे लोग समझौते के लिए प्रयास कर रहे हैं, जो पहले झूठे आरोप लगा रहे थे.
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस नेताओं के बयानों को लेकर भी मंत्री पटेल ने पलटवार किया. उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा, "यह वही पलटू राम हैं, जो कभी उपराष्ट्रपति पर दबाव में काम करने का आरोप लगाते थे.
आज इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस केवल नकारात्मक राजनीति कर रही है.
Source: IOCL

























